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Punjab: तरनतारन विस्फोट मामले में एनआईए की कार्रवाई, मुख्य आरोपी की संपत्ति कुर्क की
Mon, 29 Jan 2024 07:40 PM IST
भूपेंद्र सिंह
एएनआई, पंजाब।
एएनआई, पंजाब।
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 29 Jan 2024 07:40 PM IST
सार
मामले में आरोप पत्र 11 मार्च, 2020 को दायर किया गया था, उसके बाद 23 मार्च, 2023 को एक पूरक आरोप पत्र दायर किया गया था।
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NIA
- फोटो : Social Media
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2019 में पंजाब के तरनतारन जिले में हुए बम विस्फोट मामले में एक मुख्य आरोपी की संपत्ति कुर्क की है। यह पंजाब में आतंकी तंत्र पर नकेल कसने का बड़ा कदम है। कुर्क की गई अचल संपत्ति चार्जशीट किए गए मुख्य आरोपी गुरजंट सिंह से जुड़ी है। एनआईए ने यह कदम पंजाब के मोहाली के एसएएस नगर में विशेष एनआईए अदालत द्वारा जारी एक आदेश के बाद उठाया है।
आदेश में तरनतारन के पंडोरी गोलान गांव में हुए 2019 विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी की संपत्ति की कुर्की को प्वाइंट किया गया है। अदालत ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 की धारा 33(1) के तहत संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया।
एनआई ने 23 सितंबर 2019 को पांच सितंबर 2019 को तरन तारन पुलिस की ओर से दर्ज की गई असली एफआईआर के बेस पर केस दर्ज किया था। यह मामला बिक्रमजीत सिंह पंजवार के नेतृत्व वाले एक आतंकवादी गिरोह की आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित है जो पंजाब में आतंकवादी कृत्यों और गतिविधियों को अंजाम देने में शामिल था।
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एनआईए ने कहा कि राज्य में हिंसा को बढ़ावा देने की उनकी योजना के हिस्से के रूप में, इस आतंकवादी गिरोह ने तरनतारन के डेरा मुरादपुर पर हमले की योजना बनाई थी। हालांकि, इस उद्देश्य के लिए छुपाए गए विस्फोटक पंडोरी गोलान गांव में जमीन से बाहर निकलते समय ही समय से पहले फट गए, जहां उन्हें दबाया गया था।
आरोपी गुरजंट सिंह आतंकवादी गिरोह का सदस्य था और बरामदी के दौरान मौके पर मौजूद था। एनआईए ने कहा कि यह बताना प्रासंगिक है कि अपराध के सरगना बिक्रमजीत सिंह पंजवार को एनआईए द्वारा दिसंबर 2022 में पहले ही ऑस्ट्रिया से प्रत्यर्पित किया जा चुका है।
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आदेश में तरनतारन के पंडोरी गोलान गांव में हुए 2019 विस्फोट मामले में मुख्य आरोपी की संपत्ति की कुर्की को प्वाइंट किया गया है। अदालत ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 की धारा 33(1) के तहत संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया।
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एनआई ने 23 सितंबर 2019 को पांच सितंबर 2019 को तरन तारन पुलिस की ओर से दर्ज की गई असली एफआईआर के बेस पर केस दर्ज किया था। यह मामला बिक्रमजीत सिंह पंजवार के नेतृत्व वाले एक आतंकवादी गिरोह की आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित है जो पंजाब में आतंकवादी कृत्यों और गतिविधियों को अंजाम देने में शामिल था।
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एनआईए ने कहा कि राज्य में हिंसा को बढ़ावा देने की उनकी योजना के हिस्से के रूप में, इस आतंकवादी गिरोह ने तरनतारन के डेरा मुरादपुर पर हमले की योजना बनाई थी। हालांकि, इस उद्देश्य के लिए छुपाए गए विस्फोटक पंडोरी गोलान गांव में जमीन से बाहर निकलते समय ही समय से पहले फट गए, जहां उन्हें दबाया गया था।
आरोपी गुरजंट सिंह आतंकवादी गिरोह का सदस्य था और बरामदी के दौरान मौके पर मौजूद था। एनआईए ने कहा कि यह बताना प्रासंगिक है कि अपराध के सरगना बिक्रमजीत सिंह पंजवार को एनआईए द्वारा दिसंबर 2022 में पहले ही ऑस्ट्रिया से प्रत्यर्पित किया जा चुका है।