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Punjab: नायब तहसीलदार भर्ती घोटाले में 5वां टॉपर गिरफ्तार, इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मदद से की थी नकल

अमर उजाला ब्यूरो, पटियाला (पंजाब) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Mon, 05 Dec 2022 10:11 PM IST
सार

गिरोह को मोटी रकम देकर इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मदद से नकल की गई थी। एसएसपी ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है।

सांकेतिक फोटो
सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media
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विस्तार

पंजाब में नायब तहसीलदार भर्ती घोटाले में सोमवार देर शाम पटियाला पुलिस ने पांचवीं रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक इस उम्मीदवार ने भर्ती घोटाले में सक्रिय गिरोह की मदद से परीक्षा में नकल की थी। इसके बदले में उम्मीदवार से गिरोह के सदस्यों ने मोटी रकम वसूली थी।



आरोपी की पहचान सुनीता पुत्री रामेश्वरदास निवासी लक्खावाली बस्ती पातड़ां जिला पटियाला के तौर पर हुई है। एसएसी वरूण शर्मा ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते बताया कि जांच में उक्त उम्मीदवार के खिलाफ कईं पुख्ता सबूत हाथ लगे थे, जिसके आधार पर पुलिस की ओर से यह कार्रवाई की गई है। एसएसपी ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है।


इस भर्ती घोटाले में अब तक 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें पांच आरोपी वे हैं, जो उम्मीदवारों से रकम लेकर उन्हें इलेक्ट्रानिक उपकरणों की मदद से नकल कराते थे, जबकि चार वे लोग है, जो परीक्षा में नकल करके टॉपर बने थे। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत पर पटियाला की सेंट्रल जेल भेजे जा चुके हैं।

गौरतलब है कि पटियाला की पुलिस ने 15 नवंबर को इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए गांव डेदना के नवराज चौधरी व गुरप्रीत सिंह, पटियाला के गांव भुलां के जतिंदर सिंह, हरियाणा के गांव रमाणा-रामाणी के सोनू कुमार और हरियाणा के गांव नछड़ खेड़ा जींद के वरजिंदर सिंह को गिरफ्तार किया था।

इसके बाद पुलिस ने आगे की जांच करते हुए नायब तहसीलदार परीक्षा में नकल करके तीसरा रैंक हासिल करने वाले संगरूर के बलदीप सिंह दीप, दूसरा रैंक पाने वाले संगरूर के गांव बसौहारा के बलराज सिंह विक्की, 12वां रैंक पाने वाले आरोपी लवप्रीत सिंह, 21वां स्थान पाने वाले गांव देधना के वरिंदरपाल चौधरी को गिरफ्तार किया था।  

ऐसे काम करता था गिरोह
यह गिरोह उम्मीदवारों को जीएसएम डिवाइस मुहैया कराता था, जिसमें सिम कार्ड डाल आसानी से कनेक्टिविटी के लिए छोटे ब्लूटूथ ईयरबड्स देते थे। उम्मीदवार इन जीएसएम डिवाइस को आमतौर पर जूते व जुराबों छिपाकर ले जाते थे। उसके बाद पेपर में नकल कराई जाती थी। इस गिरोह से अब तक सात मिनी ब्लू टूथ ईयरबड्स, 12 मोबाइल, एक लैपटाप, दो पेन ड्राइव और 11 जीएसएम डिवाइस बरामद किए जा चुके हैं।

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