फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Survey of India will investigate illegal mining on India-Pak border in Punjab

हर साल 10 हजार करोड़ का नुकसान: भारत-पाक सीमा पर अवैध खनन की जांच करेगा सर्वे ऑफ इंडिया, पंजाब सरकार देगी खर्च

Wed, 22 Jan 2025 10:50 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Wed, 22 Jan 2025 10:50 PM IST
सार

पंजाब के साथ लगती भारत-पाक सीमा में अवैध खनन से पंजाब सरकार को हर साल 10 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा था। भारत-पाक सीमा में अवैध खनन की जांच सर्वे ऑफ इंडिया करेगा। 

विज्ञापन
Survey of India will investigate illegal mining on India-Pak border in Punjab
अवैध खनन - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

भारत-पाकिस्तान सीमा पर अवैध खनन की जांच करने के लिए सर्वे ऑफ इंडिया तैयार हो गया है। सर्वे ऑफ इंडिया ने इसके लिए शर्त रखी है कि इसमें आने वाले खर्च को पंजाब सरकार वहन करेगा। यह जानकारी बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान दी गई।

विज्ञापन


चंडीगढ़ निवासी गुरबीर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि पंजाब में अवैध खनन का कार्य जोरों पर चल रहा है। पंजाब सरकार को हर वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि प्राकृतिक आपदा का भय भी बढ़ जाता है। केंद्र ने बताया था कि बीएसएफ, सेना व केंद्र सरकार भी अवैध खनन और इसके जरिये सीमा क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने की दिशा में काम कर रही है। हाईकोर्ट ने तब रक्षा मंत्रालय को आदेश दिया था कि वह बताएं कि सीमा के निकट कैसे वैध खनन की अनुमति दी जा सकती है।
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने कहा कि सीमा पर अवैध खनन बंद है और केवल रक्षा मंत्रालय की मंजूरी के बाद ही खनन की इजाजत दी जा रही है। सरकार ने यह भी कहा कि रक्षा मंत्रालय तय समय में मंजूरी नहीं दे रहा। बॉर्डर के निकट क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर सर्वे से भारतीय सेना ने इन्कार कर दिया था। सेना की ओर से कहा गया था कि रेवेन्यू रिकॉर्ड से मिलान कर अवैध खनन की पहचान करने की सेना सर्वे टीम की क्षमता नहीं है। सर्वे संसाधनों का मिलिट्री ऑपरेशन, प्लानिंग व ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल होता है। इस पर हाईकोर्ट ने सर्वे ऑफ इंडिया से अवैध खनन को लेकर सर्वे करने को कहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed