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पंजाब में स्टोरेज संकट: गेहूं को खुले में स्टोर करने की तैयारी, 30 स्थानों पर कवर्ड एरिया प्लिंथ बनाए जाएंगे

Mon, 27 Jan 2025 03:59 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 27 Jan 2025 03:59 PM IST
सार

राज्य में इस समय कुल 174 लाख मीट्रिक टन भंडारण की क्षमता है, लेकिन 80 प्रतिशत स्पेस पहले से ही फुल है। मिलिंग के बाद खरीफ सीजन का 110 लाख मीट्रिक टन चावल आने का अनुमान है। चावल को खराब होने से बचाने के लिए गोदामों में ही स्टोर करने की तैयारी की जा रही है। इसी तरह 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद भी होनी है।

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Storage crisis in Punjab Preparations underway to store wheat in open
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब में पिछले साल खरीफ सीजन के धान की तरह इस बार रबी सीजन के गेहूं के लिए भी स्टोरेज का संकट गहरा गया है। यही कारण है कि अभी से केंद्र व पंजाब सरकार ने राज्य में स्टोरेज क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। 

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चावल की स्टोरेज के चलते प्रदेश के गोदामों में जगह नहीं है, जिसके चलते अब गेहूं को खुले में स्टोर करने की तैयारी की जा रही है। इस काम के लिए अगले महीने से 30 स्थानों पर कवर्ड एरिया प्लिंथ तैयार किए जाएंगे, जिसके लिए कंपनी फाइनल की जा रही है। पहले केंद्र ने खुले में स्टोरेज पर रोक लगा दी थी।
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स्टोरेज समस्या को देखते हुए ही केंद्र ने पहले ही गेहूं को खुले में स्टोर करने की अनुमति दे दी है, जिसके बाद ही फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की तरफ से टेंडर जारी किए गए हैं। 30 स्थानों पर कवर्ड एरिया प्लिंथ तैयार करने के लिए कंपनियों ने रूचि दिखाई है। इन स्थानों पर कंपनी फाइनल करके अगले माह से कवर्ड एरिया तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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खुले में अस्थायी भंडारण केंद्रों को कवर्ड एंड प्लिंथ यानी सीएपी कहा जाता है। रबी सीजन के लिए आने वाले गेहूं को इन भंडारण में रखा जाएगा। इस अनाज पर बारिश और खराब मौसम का असर पड़ने का जोखिम रहता है, जिसके चलते इसकी मंजूरी नहीं दी जाती है।

राज्य में इस समय कुल 174 लाख मीट्रिक टन भंडारण की क्षमता है, लेकिन 80 प्रतिशत स्पेस पहले से ही फुल है। मिलिंग के बाद खरीफ सीजन का 110 लाख मीट्रिक टन चावल आने का अनुमान है। चावल को खराब होने से बचाने के लिए गोदामों में ही स्टोर करने की तैयारी की जा रही है। इसी तरह 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद भी होनी है। रबी सीजन के तहत 120 लाख मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में आने का अनुमान है। केंद्र सरकार पहले से ही अनाज के उठान में भी लगी हुई है, लेकिन फिर भी इतने मात्रा में गेहूं के लिए स्टोरेज क्षमता तैयार करना मुमकिन नहीं है। इसी के चलते कवर्ड एरिया प्लिंथ तैयारी करने पर सहमति बनी है। एफसीआई 70 लाख मीट्रिक चावल के उठान का काम मार्च तक पूरा करने की तैयारी कर रहा है। विभाग का 14 से 15 लाख टन चावल व गेहूं का उठान रोज करने का दावा है।

9 लाख मीट्रिक टन की अतिरिक्त क्षमता पहले तैयार 

खाद्य आपूर्ति विभाग पंजाब के अनुसार पिछले वर्ष विभाग ने 9 लाख मीट्रिक टन की अतिरिक्त क्षमता तैयार की थी। इसी तरह गोदामों की रिपेयर करके भी स्टोरेज तैयार की जा रही है। अब गेहूं की स्टोरेज के लिए 35 लाख मीट्रिक टन के कवर्ड एरिया प्लिंथ तैयार किए जा रहे हैं, जिसका जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा। पनग्रेन, मार्कफेड, पनसप और पंजाब स्टेट वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन नए गोदाम बनाने के साथ ही पुराने की रिपेयर कराने में लगे हुए हैं।

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