केंद्र के खिलाफ SKM का आंदोलन: 13 अगस्त को देशभर में ट्रैक्टर मार्च, 26 नवंबर को बड़ी लड़ाई की चेतावनी
संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बार फिर से केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। इसके चलत एसकेएम की तरफ से 13 अगस्त को देशभर में ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा और 26 नवंबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
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संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की तरफ से 13 अगस्त 2025 को पूरे देश में कॉरपोरेट्स भारत छोड़ो दिवस मनाया जाएगा। इस दिन किसानों की तरफ से बड़ी संख्या में ट्रैक्टर मार्च भी निकाला जाएगा। 13 अगस्त को कॉरपोरेट्स भारत छोड़ो का नारा लगाते हुए किसान ट्रैक्टर व मोटर वाहन मार्च निकाल विरोध प्रदर्शन और केंद्र सरकार का पुतला जलाएंगे। यह घोषणा एसकेएम ने की है। इसके अलावा 26 नवंबर को बड़े संघर्ष (आंदोलन) की चेतावनी दी है। 26 नवंबर को एसकेएम की तरफ से यह आंदोलन दिल्ली की सीमाओं पर हुए ऐतिहासिक किसान आंदोलन के पांच साल पूरे होने के मौके पर किया जाएगा।
एसकेएम नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप एमएसपी लागू करने, किसानों के कर्ज माफ करने, निजीकरण के खिलाफ, जमीन अधिग्रहण के मामलों और अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते के खिलाफ होगा।
अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) के नेता विजू कृष्णन ने बताया कि रविवार को हुई बैठक में 12 राज्यों के 37 किसान संगठनों के 106 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में फैसला लिया गया कि एसकेएम की तरफ से 13 अगस्त देशभर में कॉरपोरेट्स भारत छोड़ो दिवस के रूप में मनाएगा।
किरती किसान यूनियन के रमिंदर सिंह पटियाला ने पंजाब में लैंड पूलिंग पॉलिसी और देशभर में हो रहे जमीन अधिग्रहण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 13 अगस्त को ट्रैक्टर और वाहन मार्च निकाले जाएंगे। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले जलाए जाएंगे। 15 अगस्त से 26 नवंबर तक जनसभाएं आयोजित होंगी और 26 नवंबर को बड़ा आंदोलन होगा।
अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रेम सिंह गेहलावत ने कहा कि अमेरिका के साथ जो व्यापार समझौता हो रहा है वह डेयरी किसानों के लिए मौत का फरमान होगा। इससे किसान व छोटे उद्योग (एमएसएमई) दोनों को नुकसान होगा।
एसकेएम की तरफ से कहा गया कि यह आंदोलन केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को चेतावनी देने के लिए होगा, जो अमेरिका के दबाव में खाद्य और डेयरी उत्पादों का आयात बढ़ाने, जीएम फूड्स की अनुमति देने और मल्टीनेशनल कंपनियों को भारतीय कृषि बाजार में प्रवेश देने की तैयारी कर रही है।
पंजाब में एसकेएम की इकाइयां 30 जुलाई को सभी जिलों में ट्रैक्टर रैली और 24 अगस्त को आप सरकार की नई लैंड पूलिंग पॉलिसी के खिलाफ महापंचायत आयोजित करेंगी। एसकेएम ने एनसीआर क्षेत्र में 10 साल पुराने ट्रैक्टरों पर लगे प्रतिबंध को हटाने की भी मांग की है।
बिहार विधानसभा चुनावपर एसकेएम ने कहा है कि वह वहां की जनता को भाजपा की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ जागरूक करेगा। सितंबर में एसकेएम बिहार का दौरा करेगा और भाजपा-एनडीए को सजा दो अभियान चलाया जाएगा। इसकी विस्तृत योजना एसकेएम की बिहार समिति तैयार करेगी।