Chandigarh: चंडीगढ़ भाजपा प्रधान जितेंद्र मल्होत्रा के बयान पर बढ़ी रार, सड़कों पर उतरी आप; जोरदार प्रदर्शन
आम आदमी पार्टी ने सेक्टर 33 स्थित बीजेपी कार्यालय कमलम के पास पुतला फूंक प्रदर्शन किया। आप के स्टेट मीडिया इंचार्ज विक्रांत ए तंवर ने कहा कि पंजाबियों के सम्मान और अस्मिता से जुड़े मुद्दे पर पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
विस्तार
पंजाब-चंडीगढ़ की राजनीति में नया तूफान
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा के एक पुराने बयान को लेकर पंजाब और चंडीगढ़ की राजनीति गरमा गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में मल्होत्रा की पंजाबियों को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद पंजाब कांग्रेस और चंडीगढ़ कांग्रेस ने भाजपा पर पंजाबियों का अपमान करने का आरोप लगाया है।
विवाद बढ़ने पर मल्होत्रा ने अपने बयान पर खेद जताते हुए कहा कि उनके वक्तव्य को अधूरा दिखाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। जानकारी के अनुसार यह वीडियो करीब 17 दिन पहले आयोजित एक कार्यक्रम का है लेकिन वीरवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसने राजनीतिक रंग ले लिया।
कांग्रेस नेताओं ने इसे भाजपा की पंजाब और पंजाबियत के प्रति सोच का परिचायक बताया, जबकि भाजपा का कहना है कि वीडियो का मूल संदर्भ जानबूझकर हटाकर पेश किया गया है। पार्टी नेताओं का दावा है कि बयान को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक विवाद खड़ा किया गया है।
पंजाब कांग्रेस ने की सार्वजनिक माफी की मांग
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि पंजाबियों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पूरे समाज का अपमान है। उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने देश की सीमाओं की रक्षा की है, अन्न उत्पादन कर देश का पेट भरा है और हर संकट में सबसे आगे खड़े रहे हैं। भाजपा को इस बयान के लिए पंजाबियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। वहीं, कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बयान पंजाबियों के प्रति भाजपा की सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान पंजाब ने एकजुट होकर भाजपा सरकार को कानून वापस लेने के लिए मजबूर किया था और भविष्य में भी पंजाब अपने सम्मान से जुड़े हर मुद्दे पर मजबूती से खड़ा रहेगा।
मल्होत्रा बोले- मैं खुद पंजाबी हूं
विवाद बढ़ने पर भाजपा अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा ने सफाई देते हुए कहा कि वह स्वयं पंजाब से संबंध रखते हैं और पंजाब तथा प्रत्येक पंजाबी का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो को अधूरा दिखाया गया है और उनके पूरे वक्तव्य का संदर्भ जानबूझकर छिपाया गया। मल्होत्रा ने कहा कि यह बयान शहर में आयोजित होने वाले एक खेल महोत्सव के संदर्भ में था। उन्होंने बताया कि भाजपा खेल प्रकोष्ठ के कुछ पदाधिकारी सीमित स्तर पर खेल प्रतियोगिता आयोजित करना चाहते थे लेकिन उन्होंने इसे पूरे शहर के लिए बड़े आयोजन में बदल दिया, जिसमें तीन हजार से अधिक बच्चों ने भाग लिया। उसी दौरान उन्होंने आत्ममंथन करते हुए संदर्भ में शब्द का प्रयोग किया था, न कि किसी व्यक्ति, समुदाय या पंजाबी समाज के लिए।
भाजपा में भी उठे विरोध के स्वर
वहीं मल्होत्रा के पंजाबियों को लेकर दिए गए विवादित बयान ने भाजपा के अंदर भी हलचल पैदा कर दी है। आम आदमी पार्टी ने मल्होत्रा को तत्काल पद से हटाने की मांग की है, जबकि भाजपा के ही एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने उनके बयान की सार्वजनिक रूप से आलोचना की है।
वार्ड नंबर-14 के पार्षद और भाजपा के जिला उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह संधू ने मल्होत्रा के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह टिप्पणी पंजाबियों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की भावनाओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान पार्टी और समाज, दोनों के हित में नहीं हैं। संधू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए मल्होत्रा को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा सभी वर्गों के सम्मान और विकास की बात करती है, ऐसे में इस तरह के बयान स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के किसान लंबे समय से लैंड पूलिंग पॉलिसी लागू करने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही वे चेंज इन लैंड यूज (सीएलयू) पॉलिसी भी चाहते हैं ताकि गांवों का सुनियोजित विकास हो सके और किसानों को उनके अधिकार मिल सकें। संधू ने कहा कि किसानों और ग्रामीणों के मुद्दों पर गंभीरता से काम किए जाने की जरूरत है।
पंजाबियों और ग्रामीण आबादी के खिलाफ ऐसी टिप्पणी स्वीकार्य नहीं
कुलजीत सिंह संधू ने आरोप लगाया कि भाजपा अध्यक्ष लगातार जनहितकारी मांगों का विरोध कर रहे हैं। यह गांवों के विकास को रोकने का प्रयास है। इससे किसानों के हितों को नुकसान पहुंच रहा है। पंजाबियों और ग्रामीण आबादी के खिलाफ ऐसी टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है। चंडीगढ़ के गांव शहर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उनके अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।