Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Relief to retired Wing Commander from High Court niper to pay salary and all benefits

सेवानिवृत्त विंग कमांडर को हाईकोर्ट से राहत: नाइपर को तीन माह के अंदर चुकाने होंगे वेतन और सभी लाभ

Sat, 07 Jun 2025 12:21 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 07 Jun 2025 12:21 PM IST
सार

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि नाइपर एक स्वायत्त संस्था है और केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के अधीन नहीं आती। संस्थान ने केंद्र सरकार के एक परिपत्र का हवाला देते हुए वेतन कटौती को सही ठहराया था, लेकिन अदालत ने पाया कि वही मंत्रालय इस मामले में स्वयं को पक्षकार मानने से इंकार कर चुका है।

विज्ञापन
Relief to retired Wing Commander from High Court niper to pay salary and all benefits
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मोहाली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (नाइपर) को आदेश दिया है कि वह विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) पीजेपी सिंह वड़ैच को उनके समस्त बकाया वेतन, भत्ते और सेवा संबंधी लाभ तीन माह के भीतर दिया जाए।

विज्ञापन


2011 में भारतीय वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद याची को नाइपर में रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया था। नियुक्ति के बाद वेतन से उनकी पेंशन की राशि काटी जाने लगी। यह कटौती 14 वर्षों के बाद 2023 में शुरू की गई, जिसे लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस विनोद एस भारद्वाज की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि वड़ैच की नियुक्ति पुनर्नियुक्ति न होकर नई नियुक्ति थी। उनके वेतन से पेंशन की कटौती करना अवैध है।
विज्ञापन


अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि नाइपर एक स्वायत्त संस्था है और केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के अधीन नहीं आती। संस्थान ने केंद्र सरकार के एक परिपत्र का हवाला देते हुए वेतन कटौती को सही ठहराया था, लेकिन अदालत ने पाया कि वही मंत्रालय इस मामले में स्वयं को पक्षकार मानने से इंकार कर चुका है। कोर्ट ने कहा कि यह एक न्यायिक आदेश की अवहेलना करने का प्रयास है। अदालत ने आदेश दिया कि यदि तीन माह के भीतर सभी देनदारियां पूरी नहीं की गईं, तो संस्थान को 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित भुगतान करना होगा। अदालत ने यह भी कहा कि नियुक्ति पत्र की शर्तों को एकतरफा बदला नहीं जा सकता और सेवा लाभों में कोई कटौती अनुचित है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed