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संगरूर में राहुल गांधी की 'इंसाफ रैली' कल: एकजुटता से आगे नेताओं को जीत का देंगे लक्ष्य, रखेंगे नया रोडमैप
Tue, 03 Nov 2026 10:25 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 03 Nov 2026 10:25 AM IST
सार
कांग्रेस की ओर से अब तक पंजाब में कराए गए चुनावी सर्वेक्षणों में पार्टी को 62 से 65 सीटें मिलने का अनुमान जताया जा रहा है। ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व भी पंजाब में चुनावी तैयारियों को लेकर खासा गंभीर नजर आ रहा है।
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राहुल गांधी की संगरूर रैली कल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
राहुल गांधी चार नवंबर को संगरूर की रैली में पार्टी नेताओं के सामने नया रोडमैप रखेंगे। इस रैली से वे पंजाब कांग्रेस को एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने और आगामी विधानसभा चुनाव में जीत का लक्ष्य हासिल करने का संदेश देंगे।
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28 फरवरी को बरनाला में हुई रैली के दौरान राहुल गांधी ने मंच से ही पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को गुटबाजी छोड़कर एकजुट होने की सख्त नसीहत दी थी। उस समय पार्टी की अंदरूनी खींचतान और नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई बड़ी चुनौती थी। अब प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी दोनों बदल चुके हैं। ऐसे में संगरूर रैली में राहुल का संदेश केवल एकजुटता तक सीमित रहने के बजाय चुनावी जीत के लिए सामूहिक प्रयास और संगठन को सक्रिय करने पर केंद्रित रहेगा।
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पिछले चार महीनों में पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक स्तर पर काफी उथल-पुथल रही है। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष और भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को प्रदेश प्रभारी बनाया गया। इसके बाद हाईकमान ने वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए बैठकों का सिलसिला तेज किया।
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26 अक्तूबर को चंडीगढ़ में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और जिला प्रधानों के साथ बैठक कर संगठनात्मक अनुशासन और एकजुटता पर जोर दिया था।
इसके बाद 31 अक्तूबर को नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक की। इसमें सचिन पायलट, परगट सिंह, प्रताप सिंह बाजवा, राजा वड़िंग, चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजय इंदर सिंगला सहित वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति, संगठनात्मक तालमेल और चुनावी तैयारियों पर चर्चा हुई।
राहुल गांधी ने कुछ वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग बातचीत भी की। पार्टी की रणनीति सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ने की है।
संगरूर में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
रैली को सफल बनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह और वरिष्ठ नेता विजय इंदर सिंगला सहित पार्टी के अन्य नेता आयोजन स्थल का निरीक्षण कर चुके हैं। दो नवंबर को भी कांग्रेस नेताओं ने रैली स्थल का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। पार्टी ने रैली में एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। इसके जरिये मालवा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के साथ कार्यकर्ताओं में चुनावी जोश भरने की कोशिश होगी। राहुल की रैली के मद्देनजर सचिन पायलट भी पंजाब दौरे पर हैं।
सीएम मान का गृह जिला है संगरूर
संगरूर मुख्यमंत्री भगवंत मान का गृह जिला है। ऐसे में कांग्रेस ने रैली के लिए इस क्षेत्र को चुनकर राजनीतिक संदेश देने की रणनीति बनाई है। राहुल गांधी के संबोधन में नशे, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आप सरकार को घेरने के साथ पंजाब के युवाओं और आम लोगों से जुड़े सवाल प्रमुख रह सकते हैं।