संवेदनशील दौर में पंजाब की राजनीति: एक वीडियो से उठा पंथक विवाद, फायदा तलाश रहे दल; CM ने संभाला मोर्चा
वायरल वीडियो विवाद में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फैसला जनता की कचहरी में मतदाताओं पर छोड़ दिया है। अब देखना यह है कि इस पंथक विवाद से किस दल को कितना सियासी लाभ मिलता है।
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विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति एक संवेदनशील दौर से गुजर रही है। एक आपत्तिजनक वीडियो ने सूबे की सियासत में भूचाल ला दिया है। यह मामला पंथक और संवेदनशील होने के कारण इस पर खूब राजनीति हो रही है। सभी दल आगामी चुनाव में सियासी फायदा तलाश रहे हैं।
विवाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ है। उन्होंने अपने सियासी विरोधियों से निपटने के लिए खुद मोर्चा संभाल लिया है। विरोधी इस विवाद को आगामी चुनाव में एक बड़ा पंथक मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं। राजनीतिक पार्टियों के साथ-साथ श्री अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी भी इस मसले का हिस्सा बन चुके हैं।
कनाडा में बैठे मुख्यमंत्री के विरोधी जगमन समरा ने भी इस मुद्दे पर मोर्चा खोल रखा है। सियासी पेचीदगियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। मुख्यमंत्री मान ने इस पूरे विवाद का फैसला जनता की कचहरी में मतदाताओं पर छोड़ दिया है। अब देखना यह है कि इस पंथक विवाद से किस दल को कितना सियासी लाभ मिलता है।
विवाद की शुरुआत
कनाडा के एक होटल में एक व्यक्ति ने गुरु साहिबानों की तस्वीर के सामने शराब का गिलास लेकर आपत्तिजनक हरकत की। इसका वीडियो वायरल हुआ और आरोप लगे कि यह पुराना वीडियो मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का है। सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब ने मान को तलब किया। उन्होंने इसे गुरुओं की बेअदबी से जोड़कर पूछताछ की। मान ने वीडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बना बताया और विधि विज्ञान जांच की बात कही।
जांच और हुकमनामा
श्री अकाल तख्त ने दो अधिकृत प्रयोगशालाओं से वीडियो की जांच करवाई। जांच में यह साबित हुआ कि वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता से नहीं बनाया गया था। इसके बाद 15 जून को श्री अकाल तख्त ने इसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री के खिलाफ एक सख्त हुकमनामा सुनाया। हुकमनामे के बाद भाजपा, शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने मान से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। पंजाब सरकार ने भी इसी विवादित वीडियो की गुरुग्राम की प्रयोगशालाओं से जांच करवाई।
मुख्यमंत्री का पलटवार
पंजाब सरकार ने दावा किया कि वीडियो में आपत्तिजनक हरकत करने वाले व्यक्ति का कद, चाल-ढाल और शारीरिक गतिविधियां मुख्यमंत्री से मेल नहीं खाती हैं। प्रयोगशाला संचालक ने गुरुग्राम पुलिस को शिकायत दी कि पंजाब पुलिस के दो अफसरों ने 10 लाख रुपये देकर रिपोर्ट अपने ढंग से बनवाई। एक प्राथमिकी भी दर्ज हो गई जिसके बाद विरोधी और मुखर हो गए।
मुख्यमंत्री मान ने वीरवार को इसी से जुड़ा एक और वीडियो सार्वजनिक किया। उन्होंने दावा किया कि यह पूरी साजिश कनाडा में जबरन वसूली करने वाले जगमनदीप सिंह उर्फ जगमन समरा ने उनके कुछ सियासी विरोधियों के साथ मिलकर रची है। मान ने कहा कि इसमें एक व्यक्ति को उनकी शक्ल का मुखौटा पहनाकर आपत्तिजनक वीडियो शूट की गई है।