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Cyber Fraud: पंजाब पुलिस AI बेस्ड व्हाट्सएप चैटबॉट करेगी शुरू, संदिग्ध नंबर-अकाउंट कर सकेंगे चैक
Mon, 06 Jan 2025 03:56 PM IST
निवेदिता वर्मा
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 06 Jan 2025 03:56 PM IST
सार
पंजाब में साइबर ठगी के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर 1 लाख से ऊपर धोखाधड़ी के केसों में तेजी से वृद्धि हो रही है। अगर किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो वह हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत कर सकता हैं।
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Cyber Fraud
- फोटो : FREEPIK
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विस्तार
पंजाब पुलिस की तरफ से लोगों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड व्हाट्सएप चैटबॉट तैयार किया जा रहा है। इसका काम लगभग पूरा हो गया है और अगले दो सप्ताह के अंदर इस चैटबॉट को लांच कर दिया जाएगा।
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इस चैटबॉट पर लोग संदिग्ध नंबर, अकाउंट व आईडी को चैक कर सकेंगे, ताकि वह धोखाधड़ी से बच सकें। इसके अलावा साइबर धोखाधड़ी होने पर शिकायत कैसे करनी है, उसकी जानकारी भी इस चैटबॉट के जरिए प्राप्त की जा सकेगी।
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अभी वेबसाइट पर है सुविधा
इस संबंध में साइबर क्राइम पंजाब के एसपी जशनदीप गिल ने बताया कि अभी फिलहाल पंजाब पुलिस की बेबसाइट पर साइबर मित्र के नाम से चैटबॉट की सुविधा दी गई है, लेकिन अब विभाग की तरफ से व्हाट्सएप पर भी इस चैटबॉट को जारी किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कोई लिंक व आईडी संदिग्ध लगता है तो इस चैटबॉट पर लोग वेरिफाई कर सकेंगे। इसी तरह अगर अगर पंजाब पुलिस के किसी विभाग व बैंकिंग सेक्टर की ईमेल आईडी या नंबर चाहिए, वो भी इस चैटबॉट के जरिए प्राप्त किया जा सकेगा। बताया कि अक्तूबर 2024 में साइबर मित्र चैटबॉट को वेबसाइट पर लांच किया गया था और अब एक मोबाइल नंबर लेकर इसे व्हाट्सएप पर इंटिग्रेटेड किया जा रहा है।तेजी से बढ़ रहे हैं साइबर ठगी के केस
आरबीआई के डाटा के अनुसार पंजाब में वर्ष 2019-20 में 1.23 करोड़ के 33, वर्ष 2020-21 में 1.42 करोड़ के 40, वर्ष 2021-22 में 3.58 करोड़ के 92 साइबर ठगी के केस हुए थे। इसके बाद ही 2022-23 में 3.61 करोड़ की ठगी के साथ केसों की संख्या बढ़कर 125 हो गई, जबकि वर्ष 2023-24 में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई और ठगी के केस 512 सामने आए, जिसके जरिए 15.39 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी हुई।धोखाधड़ी होने पर 1930 पर तुरंत दें शिकायत
अगर किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो वह हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत कर सकता हैं। यह हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे काम करता है। शिकायत के बाद तुरंत कार्रवाई की जाती है और जरूरत पड़ने पर बैंक के नोडल ऑफिसर से भी बात करके आगे ट्रांजेक्शन को फ्रीज कर दिया जाता है, ताकि शिकायतकर्ता के पैसे को बचाया जा सके। अब डिजीटल अरेस्ट के मामले भी बढ़ रहे हैं, इसलिए केंद्र सरकार की तरफ से अलग-अलग माध्यमों से लोगों को जागरुक किया जा रहा है कि वे इस तरह की धोखाधड़ी से बचें।धोखाधड़ी से बचने के लिए बरतें ये सावधानी
- संदिग्ध नंबर से आने वाले कॉल, व्हाट्सएप कॉल, वीडियो कॉल, टेलीग्राम कॉल न उठाएं।
- अपनी निजी जानकारी आधार व बैंक खातों की डिटेल, पिन और ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
- अगर कोई कॉल करके किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहता है तो ऐसी गलती से बचें।
- एप इंस्टॉल करने के लिए गूगल प्ले स्टोर, एपल एप स्टोर या अन्य अधिकारिक स्टोर का ही उपयोग करें।
पंजाब में अब तक हुए बड़े साइबर फ्रॉड, जिसमें अलग-अलग तरीके अपनाए गए
देश में साइबर ठगों का जाल फैलता जा रहा है और वे नए-नए तरीकों से लोगों को फंसा कर एक ही झटके में लाखों-करोड़ों रुपये झटक लेते हैं। हाल ही में डिजिटल अरेस्ट के कई मामले सामने आए हैं। इसके अलावा लॉटरी निकलने, विदेश टूर भेजने जैसे लुभावने सपने दिखाकर लोगों को ठगा जा रहा है। साइबर पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद लोगों को इनके झांसे से बचाना मुश्किल हो रहा है। केंद्र सरकार भी फोन व अन्य माध्यमों से जागरूक कर रही है। इन ठगों से बचने का सिर्फ एक ही उपाय है जागरूक होना और ऐसे किसी भी कॉल आने पर पुलिस को तुरंत सूचित करना ताकि इन पर नकेल कसी जा सके। आपकी जानकारी के लिए पेश हैं बीते दिनों में पंजाब में हुए कुछ बड़े साइबर फ्रॉड।वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन को डिजिटल अरेस्ट कर सात करोड़ ठगे
वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन एसपी ओसवाल को ठगों ने पिछले साल डिजिटल अरेस्ट किया। नकली अधिकारी, वकील और जज बनकर वीडियो कॉल पर कोर्ट रूम भी दिखाया और पेशी भी हुई। उन्हें फिजिकल अरेस्ट करने की धमकियां देकर डराया गया। गिरफ्तारी के बचने के एवज में उन्हें सहयोग करने को कहा और खाते में सात करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब एसपी ओसवाल को ठगी का पता चला तो वे इस तरीके से हैरान रह गए।
सीबीआई व पुलिस अधिकारी बता रजनीश आहूजा से ऐंठे एक करोड़
साइबर ठगों ने रजनीश इंटरनेशनल लिमिटेड के चेयरमैन रजनीश आहूजा को वॉट्सएप कॉल कर खुद को पुलिस व सीबीआई अधिकारी बताया और कहा कि कुछ लोगों ने उनके आईडी का मिसयूज कर लड़कियों को विदेश में बेचने के लिए कॉरियर भेजा है। इसके एवज में उन्हें 10 फीसदी कमीशन मिलता है। हाल ही में उनके खाते में 38 करोड़ की ट्रांजेक्शन हुई है। रजनीश के इससे इनकार करने पर उन्होंने फर्जी अरेस्ट वारंट व अन्य कागजात वॉट्सएप पर उन्हें भेज दिए। रजनीश डर गए तो ठगों ने केस की जांच ककेएवज में उनसे दो बार में करीब एक करोड़ रुपये ट्रांसफर करवाए। इस तरह रजनीश ठगों के जाल में फंस गए।
बिटक्वाइन में इन्वेस्ट करने का झांसा दे वकील से ठगे एक करोड़
बिटक्वाइन में इन्वेस्ट करने का झांसा दे साइबर ठगों ने शहर के वकील से एक करोड़ तीन लाख रुपये की ठगी मार ली। हैरानी की बात यह है कि सोशल मीडिया के जरिए बात और अगले दिन वाट्सअप पर भेजे गए जीजीपीएफ एप के लिंक पर साइबर ठगों ने उन्हें विश्वास में लिया और उन्हें इन्वेस्ट रकम का 25 प्रतिशत मुनाफे का लालच देते रहे। ऑनलाइन पर कई लोगों से बात करवा वकील गुरजोत सिंह को पूरी तरह से आरोपियों ने विश्वास में ले लिया और जब तक उन्हें कुछ पता चलता तीन से चार दिन में एक करोड़ तीन लाख पांच हजार रुपये का चूना लग चुका था।