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गैस चैंबर बना पंजाब: दिवाली के बाद बंदी छोड़ दिवस पर भी खूब चले पटाखे, एक्यूआई फिर खतरनाक स्तर पर
Wed, 22 Oct 2025 11:47 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 22 Oct 2025 11:47 AM IST
सार
पंजाब में लगातार पराली जलने के कारण वायु प्रदूषण का स्तर खराब हो चुका है। दिवाली और फिर बंदी छोड़ दिवस पर आतिशबाजी के बाद हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई है।
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दिवाली के बाद पंजाब की हवा खराब
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिवाली के अगले दिन यानी बंदी छोड़ दिवस पर भी पंजाब के विभिन्न शहरों में जमकर पटाखे फोड़े गए, जिसके कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया।
राज्य के कई शहरों की हवा बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। अमृतसर और जालंधर में एक्यूआई अधिकतम 500 तक पहुंच गया, जो वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर को दर्शाता है। लुधियाना का एक्यूआई 419, पटियाला का 323, मंडी गोबिंदगढ़ का 325, खन्ना का 321 और बठिंडा का अधिकतम एक्यूआई 273 दर्ज किया गया।
यह भी पढ़ें: खुलासा: भारत के नहीं, पाकिस्तान के पंजाब में जल रही ज्यादा पराली... आने वाले दिनों में और जहरीली होगी हवा
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मंगलवार रात को 11 से एक बजे के बीच सभी शहरों का एक्यूआई अधिक था। विशेषज्ञों के अनुसार पटाखों के धुएं से हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ गई। पराली जलाने के मामले भी पहले से बढ़ रहे हैं। साथ ही त्यौहारों के दौरान ट्रैफिक के कारण वाहनों से भी प्रदूषण बढ़ा है। अगले कुछ दिनों तक हवा की स्थिति में सुधार की संभावना कम है, क्योंकि तापमान में गिरावट जारी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों खासकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
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राज्य के कई शहरों की हवा बहुत खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। अमृतसर और जालंधर में एक्यूआई अधिकतम 500 तक पहुंच गया, जो वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर को दर्शाता है। लुधियाना का एक्यूआई 419, पटियाला का 323, मंडी गोबिंदगढ़ का 325, खन्ना का 321 और बठिंडा का अधिकतम एक्यूआई 273 दर्ज किया गया।
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मंगलवार रात को 11 से एक बजे के बीच सभी शहरों का एक्यूआई अधिक था। विशेषज्ञों के अनुसार पटाखों के धुएं से हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ गई। पराली जलाने के मामले भी पहले से बढ़ रहे हैं। साथ ही त्यौहारों के दौरान ट्रैफिक के कारण वाहनों से भी प्रदूषण बढ़ा है। अगले कुछ दिनों तक हवा की स्थिति में सुधार की संभावना कम है, क्योंकि तापमान में गिरावट जारी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों खासकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोगियों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।