चंडीगढ़ में हरियाणा को जमीन: सुनील जाखड़ ने किया विरोध, बोले- सीएम मान नासमझ, पंजाब का दावा हुआ कमजोर
चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के लिए जमीन देने के फैसले का पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ ने विरोध किया है। जाखड़ ने कहा कि पंजाब के सीएम मान नासमझ हैं। उनकी वजह से चंडीगढ़ में पंजाब का दावा कमजोर हुआ है।
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चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा बनाने के लिए 10 एकड़ जमीन दिए जाने पर पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने ऐतराज जताया है। जाखड़ ने कहा कि जैसे दिल्ली हिंदुस्तान का दिल है वैसे ही चंडीगढ़ पंजाब का दिल है। पंजाब के लोगों की चंडीगढ़ से केवल जमीन ही नहीं मानवीय भावनाएं भी जुड़ी हुई हैं। वहीं, जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को इसके लिए जिम्मेदार बताया है।
सुनील जाखड़ ने कहा कि यह फैसला पंजाब-चंडीगढ़ के दिल को चोट पहुंचाने वाला फैसला है। यह सिर्फ जमीन या राजधानी का टुकड़ा नहीं है, बल्कि पंजाब का दिल, अगर किसी बहाने से चंडीगढ़ की जमीन का एक हिस्सा हरियाणा को दे दिया जाए तो यह पंजाब के लिए बहुत गहरी चोट है।
#WATCH | On his opposition to the Centre's move to allot land for the Haryana Assembly in Chandigarh Punjab BJP President Sunil Jakhar says, "This is about causing hurt to the heart of Punjab-Chandigarh. It is not just a piece of land or capital, but the heart of Punjab. It… pic.twitter.com/aj0chIyPc0
— ANI (@ANI) November 14, 2024
पंजाब और केंद्र के रिश्तों को पहुंचेगी ठेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के लिए सामाजिक और धार्मिक रूप से लोगों की भावनाओं को देखते हुए कई अहम कदम उठाए हैं। चंडीगढ़ में हरियाणा विधानसभा के लिए जमीन देने के कारण पंजाब और केंद्र के बीच बने रिश्तों को ठेस पहुंचेगी। जाखड़ ने कहा वह इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निजी तौर हस्तक्षेप कर इस फैसले को रद्द करने की अपील करेंगे। क्योंकि पीएम ने पहले भी पंजाब के कई पुराने मुद्दे सुलझाए हैं। पीएम मोदी का पंजाब और सिख भाईचारे के साथ लगाव है। पंजाब उनकी कर्मभूमि भी है।
मुख्यमंत्री मान ने की मांग का समर्थन
जाखड़ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि जिस मुद्दे पर पंजाब की सभी पार्टियां एकमत थीं, आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री की नासमझी के कारण चंडीगढ़ और पंजाब का दावा कमजोर हो गया है। उन्होंने कहा है कि जयपुर में जब उत्तरीय जोनल काउंसिल की मीटिंग में केंद्रीय गृहमंत्री के सामने हरियाणा ने विधानसभा के लिए जमीन मांगी थी तो मुख्यमंत्री मान ने इसका विरोध करने के बजाय पंजाब की विधानसभा के लिए भी जमीन मांगकर हरियाणा की मांग पर समर्थन की मोहर लगा दी थी।
फैसले पर विचार करें पीएम मोदी
उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री मान की नासमझी के कारण इस मुद्दे पर लिए पंजाब विरोधी स्टैंड की सजा लोग ना भुगते। इसलिए प्रधानमंत्री इस विषय पर दखल दें और फैसले पर पुनर्विचार करें। मुझे आशा है कि पीएम मोदी इस फैसले पर विचार कर इसे निरस्त कराएंगे।