संपत्ति कर की चोरी पर लगेगी रोक: पंजाब सरकार ने जीआईएस बेस्ड वनमैप पोर्टल किया तैयार, मिलेंगी ये सहूलियतें
पंजाब म्युनिसिपल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी ने एनआईसी की मदद से पोर्टल तैयार किया है, जिसके लिए हाल ही में विभाग ने 10 लाख संपत्तियों का जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित मैपिंग सर्वे करवाया था।
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पंजाब सरकार ने जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित वनमैप पंजाब पोर्टल तैयार किया है, जिसे इसी महीने लॉन्च करने की तैयारी की जा रही है। इससे संपत्ति कर की चोरी पर रोक लगेगी, जिससे सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। साथ ही लोगों को बेहतर निवेश करने में भी मदद मिलेगी, क्योंकि इसके जरिये वे भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
इस पोर्टल पर लोग किसी भी खास एरिया में ट्रैफिक जाम और क्राइम रेट को भी चेक कर सकेंगे। इसी तरह पानी, सीवरेज, बिजली व सफाई व्यवस्था की शिकायत के लिए सही लोकेशन दे सकेंगे, जिससे सभी विभागों को समय पर इन समस्याओं का समाधान करने में मदद मिलेगी। अब तक सरकार विभिन्न परियोजनाओं के लिए जीआईएस आधारित मैप का इस्तेमाल कर रही थी, लेकिन अब लोगों के लिए यह पोर्टल खोला जा रहा है।
पंजाब म्युनिसिपल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी ने एनआईसी की मदद से पोर्टल तैयार किया है, जिसके लिए हाल ही में विभाग ने 10 लाख संपत्तियों का जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित मैपिंग सर्वे करवाया था। ड्रोन से सर्वे का काम पूरा किया गया था। फिलहाल लोग संपत्ति कर से बचने के लिए अपने मकान को छोटा व व्यावसायिक को आवासीय संपत्ति बता देते हैं। इस कारण सरकार को कर राजस्व से हाथ धोना पड़ता था। जीआईएस मैपिंग के बाद इस प्रक्रिया पर रोक लगेगी।
मोहाली जिला पहले ही इस संबंध में काफी सुधार कर चुका है, जिस कारण जिले के संपत्ति कर में भी रिकाॅर्ड बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा सरकार ने जीआईएस आधारित डिजिटल मास्टर प्लान भी तैयार किया है, जिसे इस पोर्टल के साथ जोड़ा जाएगा। इससे लोगों को अस्पताल, स्कूल, विश्वविद्यालय, इंडस्ट्री, हाईवे समेत अन्य बड़ी परियोजनाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त हो सकेगी, जिससे उनको निवेश करने में मदद मिलेगी।
लोगों को होगा यह फायदा
-लोगों से सही संपत्ति कर ही वसूला जाएगा। पुरानी खामियां जीआईएस से दूर हो जाएंगी।
-कितना संपत्ति कर जमा कराया है और कितना बाकी है, इसकी जानकारी भी पोर्टल पर मिलेगी।
-लोग खुद भी पोर्टल पर सही जानकारी के लिए संपादन कर सकेंगे, जिसके लिए पोर्टल पर अपनी लोकेशन की अनुमति देनी होगी।
-किसी भी क्षेत्र में सुविधाओं की जानकारी हासिल कर सकेंगे, जैसे अस्पताल, स्कूल, या पार्क आदि।
सरकार को जीआईएस पोर्टल से होगा लाभ
-संपत्ति के अलावा सभी तरह के सही कर संग्रह से राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
-किसी भी तरह कई नई पॉलिसी बनाने व नई परियोजना लाने में भी विभाग को फायदा होगा।
-ग्रीन एरिया बढ़ाने में मदद मिलेगी। जिन क्षेत्रों में हरियाली कम होगी, पोर्टल से उनकी पहचान की जा सकेगी।
-पानी व सीवरेज लाइन कहां से गुजर रही है, आसानी से इसकी जानकारी मिलेगी।
क्या होता है जीआईएस सर्वे
जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) एक भू-विज्ञान सूचना प्रणाली है। यह संरचनात्मक डाटा बेस पर आधारित है। यह भौगोलिक सूचनाओं के आधार पर जानकारी प्रदान करती है। संरचनात्मक डाटाबेस तैयार करने के लिए वीडियो, भौगोलिक फोटोग्राफ और जानकारियों के आधार का कार्य किया जाता है। ड्रोन के जरिये नगर निगम क्षेत्र का सर्वे किया जाता है।
पंजाब के संपत्ति कर में बढ़ोतरी के लिए स्थानीय निकाय विभाग प्रयास कर रहा है। विभाग के इन प्रयासों से सूबे के राजस्व में वृद्धि होगी और साथ ही पारदर्शिता भी आएगी। - तेजवीर सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्थानीय निकाय विभाग