फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Milk prices in Ludhiana to increase from November 1st

त्योहारों में महंगाई का झटका: 1 नवंबर से इस शहर में पांच रुपये बढ़ेंगे दूध के दाम, क्या बोले डेयरी संचालक?

Thu, 29 Oct 2026 11:46 AM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Thu, 29 Oct 2026 11:46 AM IST
सार

जिला डेयरी एसोसिएशन ने कहा कि मौजूदा समय में चारे और पशुओं के दाम बढ़ गए हैं जिस कारण डेयरी संचाकलों को मुश्किलें पेश आ रही हैं। व्यवसाय को चलाने के लिए दूध के दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।   

विज्ञापन
Milk prices in Ludhiana to increase from November 1st
लुधियाना में 1 नवंबर से बढ़ेंगे दूध के दाम - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

त्योहारों की रौनक के बीच अमृतसर के लोगों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगने जा रहा है। एक नवंबर से शहर में दूध के दामों में उछाल आने वाला है। हैबोवाल और ताजपुर स्थित डेयरी परिसरों के संचालकों ने आपसी सहमति के बाद रेट में बढ़ोतरी का खाका तैयार कर लिया है। इस नए निर्णय के प्रभावी होते ही आम उपभोक्ताओं को दूध की खरीदारी पर प्रति लीटर पांच रुपये का खर्च पड़ने वाला है। 

विज्ञापन


जिला डेयरी एसोसिएशन ने की औपचारिक पुष्टि
जिला डेयरी एसोसिएशन के प्रमुख कुलदीप सिंह लहोरिया और उनके साथी प्रतिनिधियों ने इस रेट बढ़ाने की औपचारिक पुष्टि की है। उनके अनुसार लुधियाना के तमाम दूध बिक्री केंद्रों पर पांच रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दूध का रेट बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही क्रीम का व्यापार करने वाले डेयरी संचालकों के लिए फैट की दरों में तीस पैसे का इजाफा किया गया है। 
विज्ञापन


एसोसिएशन की कारोबारियों से अपील 
एसोसिएशन की ओर से सभी कारोबारियों से आग्रह किया गया है कि वे परिस्थितियों को समझते हुए इन नए दामों को तत्काल प्रभाव से अपनाएं। दूध के दामों में बढ़ोतरी के पीछे मवेशियों के आहार की बढ़ती कीमतों को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। कारोबारियों का कहना है कि बीते दिनों में सूखा चारा, खल-दाना और हरे चारे के बाजार भाव आसमान छूने लगे हैं। उत्पादन लागत में बेतहाशा बढ़ोतरी के चलते डेयरी संचालकों के सामने अपने परिवारों का लालन-पालन करना भी दुभर हो गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

एसोसिएशन के नुमाइंदों ने साफ कहा कि मौजूदा दौर में यदि कीमतें नहीं बढ़ाई गई तो यह व्यवसाय पूरी तरह टूट जाएगा। घाटे और तंगी के कारण कई लोग अपना पुश्तैनी काम समेटने की कगार पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस आर्थिक संकट की अनदेखी कर पुराने रेट पर काम करने वाले व्यवसायियों को जल्द ही अपनी डेयरियां बेचने की नौबत आ जाएगी।

क्या कहते हैं डेयरी संचालक?
डेयरी संचालक राकेश कुमार ने बताया कि डेयरी उद्योग में महंगाई चरम सीमा में है। उन्होंने कहा 40 साल में पहली बार है कि रेट इतने आसमान छू रहे हैं। गाय भैंस के दाम पहले ही बढ़ गए हैं। वहीं, हरा चारा 140 रुपये प्रति चालीस किलो, जो पहले 80 से लेकर 90 रुपये था। वहीं, तूड़ी जो पहले 250 से 300 रुपये के बीच थी अब 400 रुपये प्रति मन (चालीस किलो) तक हो चुकी है। इसी तरह खल दाना और अन्य सामान भी महंगे हो रहे हैं। वहीं, बढ़ती महंगाई के कारण कई डेयरियां पहले ही बंद हो चुकी हैं और अगर अब बढ़ रहे दामों के हिसाब से काम नहीं किया गया तो डेयरी उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed