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Mega PTM in Punjab: 20 हजार सरकारी स्कूलों में मेगा पीटीएम, पटियाला में पहुंचे डाॅ. बलबीर सिंह
Tue, 22 Oct 2024 07:57 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 22 Oct 2024 07:57 PM IST
सार
मेगा पीटीएम के दाैरान अभिभावकों का फीडबैक लिया गया और साथ ही स्कूलों में पेश आने वाली समस्याओं की जानकारी भी जुटाई गई। सुबह 9 से दोपहर 2.30 बजे तक पीटीएम का आयोजन किया गया।
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पटियाला में पीटीएम में पहुंचे डाॅ. बलबीर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब के सेहत मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह ने कहा कि सूबे में स्कूली विद्यार्थियों को लाइफ स्किल, फस्ट एड और पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए सिखलाई दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत पटियाला से होगी। वह मंगलवार को पटियाला के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिविल लाइंस में पेरेंट टीचर मिलनी के दौरान विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों से बात कर रहे थे।
सेहत मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को फर्स्ट एड व लाइफ स्किल की ट्रेनिंग देने का मकसद है कि वह किसी भी दुर्घटना के समय डाॅक्टरी सहायता मिलने से पहले पीड़ित को प्राथमिक सहायता प्रदान करके कीमती जानें बचा सकें। उन्होंने कहा कि पहले यह ट्रेनिंग बारहवीं क्लास के विद्यार्थियों को दी जाएगी और इसके अलग तौर पर विद्यार्थियों को सर्टीफिकेट भी प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए स्टूडेंट्स को जागरूक किया जाएगा। जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम की जा सके।
उन्होंने कहा कि इन बीमारियों के केस पिछले सालों की तुलना में इस बार कम रहने का कारण जागरूकता ही है। अब आगे भविष्य में विद्यार्थी इस जागरूकता मुहिम का ब्रांड अंबेसडर होंगे। इस मौके उन्होंने स्टूडेंट्स की ओर से बनाए सोलर चार्जर, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के माॅडल व वेस्ट टू बैल्थ के तहत बेकार पड़े सामान से बनाई चीजों की प्रदर्शनी को देखा।
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सेहत मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को फर्स्ट एड व लाइफ स्किल की ट्रेनिंग देने का मकसद है कि वह किसी भी दुर्घटना के समय डाॅक्टरी सहायता मिलने से पहले पीड़ित को प्राथमिक सहायता प्रदान करके कीमती जानें बचा सकें। उन्होंने कहा कि पहले यह ट्रेनिंग बारहवीं क्लास के विद्यार्थियों को दी जाएगी और इसके अलग तौर पर विद्यार्थियों को सर्टीफिकेट भी प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए स्टूडेंट्स को जागरूक किया जाएगा। जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की रोकथाम की जा सके।
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उन्होंने कहा कि इन बीमारियों के केस पिछले सालों की तुलना में इस बार कम रहने का कारण जागरूकता ही है। अब आगे भविष्य में विद्यार्थी इस जागरूकता मुहिम का ब्रांड अंबेसडर होंगे। इस मौके उन्होंने स्टूडेंट्स की ओर से बनाए सोलर चार्जर, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के माॅडल व वेस्ट टू बैल्थ के तहत बेकार पड़े सामान से बनाई चीजों की प्रदर्शनी को देखा।
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