Lawrence Bishnoi: सात पुलिस अधिकारियों पर क्यों गिरी गाज? इंटरव्यू कराने में DSP गुरशेर और समर वनीत का मेन रोल
जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू का मामला अभी शांत नहीं हुआ है। क्योंकि लॉरेंस का साक्षात्कार करवाने वाले दोषी पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी है। जांच के बाद सात पुलिस वालों को निलंबित किया गया है।
विस्तार
गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के पंजाब के थाने से हुए इंटरव्यू मामले में सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट पर गृह विभाग के प्रमुख सचिव गुरकीरत किरपाल सिंह ने इन सातों अधिकारियों व कर्मचारियों को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए हैं। इनमें दो डीएसपी, तीन सब इंस्पेक्टर, एक एएसआई और हेड कांस्टेबल शामिल हैं। इन सातों आरोपियों को अगले आदेश तक हेडक्वार्टर छोड़ने के लिए मना किया गया है।
आईपीएस प्रबोध कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने हाईकोर्ट के समक्ष जो रिपोर्ट पेश की है, उस रिपोर्ट के आधार पर इन आरोपी पुलिसकर्मियों की भूमिका सहित गृह विभाग को कार्रवाई के लिए लिखा गया था। रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि उस समय मोहाली के इन्वेस्टिगेशन विंग के डीएसपी के तौर पर कार्यरत गुरशेर सिंह और डीएसपी समर वनीत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सीआईए थाना खरड़ से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू कराया था। गैंगस्टर लॉरेंस के दो इंटरव्यू वायरल हुए थे। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि पहला इंटरव्यू 3 व 4 सितंबर 2023 को हुआ है। लॉरेंस उस समय पंजाब में सीआईए थाना खरड़ में रखा गया था। दूसरा इंटरव्यू राजस्थान की जयपुर स्थित सेंट्रल जेल में हुआ था।
चंडीगढ़ के नामी मॉल में शॉपिंग भी कराई गई
सीआईए खरड़ के थाने से न केवल गैंगस्टर लॉरेंस का इंटरव्यू कराया गया था, बल्कि इस दौरान लॉरेंस को चंडीगढ़ के नामी शॉपिंग मॉल से आधी रात को करीब दो बजे खुलवाकर शॉपिंग भी कराई गई थी। लॉरेंस ने इस बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये केवल इंटरव्यू ही नहीं बल्कि सीआईए खरड़ में उस समय तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के फोन का इस्तेमाल कर व्हाट्सअप और वीडियो कॉलिंग के जरिये अपने गैंग के कई नामी गैंगस्टरों और शूटरों से बातचीत की थी, जो इस समय पंजाब, हरियाणा और दिल्ली की हाई सिक्योरिटी जेलों में बंद है। इसमें दो डीएसपी के अलावा तीन सब इंस्पेक्टर, एक एएसआई और हेड कांस्टेबल की भूमिका सामने आई है।
इन 7 पुलिसकर्मियों को किया गया सस्पेंड
- डीएसपी गुरशेर सिंह, 9वीं पीएपी अमृतसर (तत्कालीन डीएसपी, इन्वेस्टिगेशन, मोहाली)
- डीएसपी समर वनीत, ईओडब्ल्यू, एसएएस नगर
- सब इंस्पेक्टर रीना, सीआईए खरड़, एसएएस नगर
- सब इंस्पेक्टर जगतपाल जंगू, एजीटीएफ पंजाब
- सब इंस्पेक्टर शगनजीत सिंह, एजीटीएफ पंजाब
- एएसआई मुख्तियार सिंह (ड्यूटी ऑफिसर)
- हेड कांस्टेबल ओम प्रकाश (नाइट एमएचसी सीआईए खरड़)
मूसवाला हत्याकांड और मिड्डूखेड़ा की हत्या पर बोला था लॉरेंस
लॉरेंस का पहला इंटरव्यू 14 मार्च, 2023 को प्रसारित हुआ था। इसमें लॉरेंस ने सिद्धू मूसेवाला का कत्ल करवाने की बात कबूली थी। लॉरेंस का कहना था कि मूसेवाला गायकी के बजाय गैंगवार में घुस रहा था। उसके कॉलेज फ्रेंड अकाली नेता विक्की मिड्डूखेड़ा के कत्ल में भी मूसेवाला का हाथ था, इसलिए उसे मरवाया। एसआईटी रिपोर्ट के मुताबिक ये वही इंटरव्यू है, जो उसने सीआईए की कस्टडी में दिया था। दूसरा इंटरव्यू राजस्थान की जयपुर स्थित सेंट्रल जेल में हुआ था, लॉरेंस ने अपने दूसरे इंटरव्यू में जेल के अंदर से इंटरव्यू देने का सबूत भी दिया था। उसने अपनी बैरक भी दिखाई और बताया कि उसे बाहर नहीं जाने दिया जाता, लेकिन मोबाइल भी उसके पास आ जाता है और सिग्नल भी। लॉरेंस ने अपने इंटरव्यू में कहा कि रात के समय जेल के गार्ड बहुत कम आते-जाते हैं, इसीलिए वह रात को कॉल कर लेता है।