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Health Insurance: इंश्योरेंस कंपनियों की मनमानी, क्लेम के लिए भटकते हैं लोग... जानिए क्या कहता है बीमा लोकपाल
Wed, 12 Nov 2025 03:56 AM IST
अंकेश ठाकुर
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 12 Nov 2025 03:56 AM IST
सार
बीमा लोकपाल कार्यालय चंडीगढ़ में लगातार ऐसे विवाद सामने आ रहे हैं जिनमें क्लेम के लिए लोग भटक रहे हैं। कई मामलों में बीमा धारक बिचौलियों का भी शिकार हो जाते हैं।
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बीमा लोकपाल अलका झा व अन्य मेहमान।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उत्तर भारत में इंश्योरेंस कंपनियों की मनमानियां बढ़ती जा रही हैं। जब क्लेम देने का समय आता है तो कोई न कोई विवाद छिड़ जाता है या फिर अधिकतर लोग मिस सेलिंग का शिकार हो जाते हैं यानी उन्हें इंश्योरेंस संबंधी लाभ कुछ बताए जाते हैं जबकि इंश्योरेंस कोई ओर कर दिया जाता है। हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े विवाद तो सबसे ज्यादा हैं।
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एक साल में उत्तर भारत में 4321 शिकायतें प्राप्त हुईं हैं। इनमें हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़ीं 2784, लाइफ इंश्योरेंस की 1106 व सामान्य इंश्योरेंस की 431 शिकायतें शामिल हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें पंजाब और हरियाणा की हैं। सभी शिकायतें निजी इंश्योरेंस कंपनियों से ही जुड़ी हैं। इनमें से अब तक 3008 शिकायतों का निपटान जो चुका है।
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बीमा लोकपाल कार्यालय चंडीगढ़ में लगातार ऐसे विवाद सामने आ रहे हैं जिनमें क्लेम के लिए लोग भटक रहे हैं। कई मामलों में बीमा धारक बिचौलियों का भी शिकार हो जाते हैं। बीमा लोकपाल चंडीगढ़ के अधीनस्थ पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ का क्षेत्र शामिल है। लोकपाल को प्राप्त शिकायतों में लाइफ, सामान्य और हेल्थ इंश्योरेंस तीन श्रेणी की शिकायतें दर्ज करवाई जाती हैं। ये शिकायतें व्यक्तिगत, ऑनलाइन व डाक के माध्यम से की जा सकती हैं।
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शिकायत के 45 दिन में जरूरी दस्तावेज जमा करवाने होते हैं। उसके बाद संबंधित इंश्योरेंस कंपनी को नोटिस कर सुनवाई की तारीख तय होती है। बीमा लोकपाल इंश्योरेंस कंपनी को जो आदेश देते हैं उसका अनुपालन एक महीने में करना होता है। ऐसा न करने पर संबंधित कंपनी की जानकारी इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (आईआरडीए) से साझा की जाती है। इसके बाद आगामी कार्रवाई होती है। कई मामलों में अनधिकृत एजेंट बीमा धारक को बरगलाकर गलत इंश्योरेंस थमा देते हैं, क्लेम के समय इस पर विवाद छिड़ जाता है।
एक साल में राज्यवार शिकायतें
राज्य लाइफ इंश्योरेंस सामान्य हेल्थ कुल
पंजाब 423 111 1148 1682
हरियाणा 389 210 1370 1969
चंडीगढ़ 76 21 74 171
हिमाचल प्रदेश 17 21 44 182
जम्मू-कश्मीर 53 20 49 122
अन्य क्षेत्र 48 48 99 195
जागरूकता की कमी के कारण भी विवाद बढ़ते हैं। लोगों को इंश्योरेंस खरीदने के बाद उसके नियम व शर्तें अच्छे से जान लेनी चाहिए। अनधिकृत बिचाैलियों का भी नेटवर्क बहुत बढ़ चुका है इससे भी सावधान रहने की जरूरत है। बिचाैलिए विवाद निपटाने के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। कंपनियों से भी अपील है कि वे अपने सभी इंश्योरेंस दस्तावेजों में विवाद होने की स्थिति में निपटान के लिए बीमा लोकपाल कार्यालय की जानकारी का भी जिक्र जरूर करें। लंबित मामलों को भी जल्द निपटाया जाएगा। - अल्का झा, बीमा लोकपाल, चंडीगढ़