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ईरान-इजराइल युद्ध का असर: कनाडा जाने वाले पंजाबी छात्रों की बढ़ीं मुश्किलें, स्टूडेंट्स के सामने चुनौती
Sun, 15 Mar 2026 08:44 AM IST
Ankesh Kumar
सुरिंदर पाल, जालंधर
सुरिंदर पाल, जालंधर
Published by: Ankesh Kumar
Updated Sun, 15 Mar 2026 08:44 AM IST
सार
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर वैश्विक समुद्री सुरक्षा पर साफ नजर आने लगा है। पिछले दो हफ्तों में क्षेत्र के प्रमुख समुद्री मार्गों पर कम से कम 17 जहाजों पर हमले हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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- फोटो : Adobe stock
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विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब पंजाब तक महसूस किया जा रहा है। खासकर कनाडा जाने वाले स्टूडेंट्स, वर्क परमिट धारकों और उनके परिवारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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पंजाब के दोआबा क्षेत्र के जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर से हर साल बड़ी संख्या में युवा पढ़ाई और नौकरी के लिए कनाडा जाते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उनकी यात्रा पहले से कहीं ज्यादा महंगी और लंबी हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका असर पूरे पंजाब के उन परिवारों पर पड़ रहा है जिनके बच्चे पढ़ाई या काम के लिए कनाडा जाते हैं। 28 फरवरी के बाद पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव का असर वैश्विक विमानन क्षेत्र पर भी पड़ा है। अब तक करीब 46 हजार उड़ानें प्रभावित हो चुकी हैं। सुरक्षा कारणों से ईरान, इराक, कुवैत, कतर, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात ने अपने हवाई क्षेत्र में कई प्रतिबंध लगाए हैं या निगरानी बढ़ा दी है। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के रूट प्रभावित हुए हैं और कई एयरलाइंस को अपने मार्ग बदलने पड़े हैं।
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पंजाब से कनाडा जाने वाले अधिकांश यात्री पहले खाड़ी देशों के बड़े ट्रांजिट हब दुबई, दोहा और अबू धाबी के जरिए यात्रा करते थे। मौजूदा हालात में इन मार्गों पर अनिश्चितता बढ़ गई है। कई एयरलाइंस ने अपने रूट बदल दिए हैं, जिसके कारण अब यात्रियों को लंदन, फ्रैंकफर्ट और पेरिस जैसे यूरोपीय शहरों के रास्ते कनाडा जाना पड़ रहा है। इससे यात्रा समय भी बढ़ गया है।
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नए सेमेस्टर के स्टूडेंट्स के सामने पहुंचना चुनौती
ट्रैवल एजेंट परमजीत के अनुसार पहले इकोनॉमी क्लास की टिकट अपेक्षाकृत कम कीमत पर मिल जाती थी, लेकिन अब तत्काल टिकट यानी स्पॉट फेयर 1.5 लाख से 3 लाख रुपये तक पहुंच गया है। कुछ अंतरराष्ट्रीय रूटों पर वन-वे टिकट 3 लाख से 10 लाख रुपये तक बिक रही है। इसका सबसे ज्यादा असर उन छात्रों पर पड़ रहा है जिन्हें नए सेमेस्टर के लिए तुरंत कनाडा पहुंचना जरूरी है। ट्रैवल कारोबारी पूजा सिंह के मुताबिक एमिरेट्स, एतिहाद एयरवेज और कतर एयरवेज जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने भी कई उड़ानों के रूट बदल दिए हैं या कुछ सेवाएं अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं। इससे कनेक्टिंग फ्लाइट्स का शेड्यूल भी प्रभावित हुआ है। यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए एयर इंडिया ने यूरोप और अमेरिका के लिए 78 अतिरिक्त उड़ानें शुरू करने का फैसला किया है, ताकि यात्रियों को वैकल्पिक कनेक्टिविटी मिल सके।
उड़ान अवधि 45 मिनट से 4 घंटे तक बढ़ी
इस संकट का असर केवल टिकट कीमतों तक सीमित नहीं है। खाड़ी देशों के हवाई क्षेत्र से बचने के कारण कई उड़ानों की अवधि 45 मिनट से लेकर चार घंटे तक बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जेट ईंधन (एटीएफ) की कीमत बढ़ने से एयरलाइंस ने फ्यूल सरचार्ज भी बढ़ा दिया है, जिससे टिकटों की कीमतों में करीब 15 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। ट्रैवल कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो कनाडा जाने वाले यात्रियों को आने वाले दिनों में महंगे टिकट, लंबा सफर और सीमित फ्लाइट विकल्प जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।