फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   High court order 25 percent seats reserve for EWS category in private schools of Punjab

Punjab: प्राइवेट स्कूलों में फ्री पढ़ेंगे गरीब बच्चे, हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश, 25% सीटें रखनी होंगी

Wed, 19 Feb 2025 08:28 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Wed, 19 Feb 2025 08:28 PM IST
सार

पंजाब के प्राइवेट स्कूलों में गरीब परिवारों के बच्चे मुफ्त पढ़ेंगे। पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों के लिए आदेश जारी किए हैं, जिसमें 25 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस कैटेरगरी के बच्चों के लिए रिजर्व रखनी होंगी।

विज्ञापन
High court order 25 percent seats reserve for EWS category in private schools of Punjab
School - फोटो : freepik

विस्तार

पंजाब में प्राइवेट स्कूलों को आर्थिक पिछड़ा वर्ग (गरीब परिवार) के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया है। साथ ही हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश का पालन सुनिश्चित करने और जनहित याचिका पर पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए केएस राजू लीगल ट्रस्ट ने हाईकोर्ट को बताया कि बच्चों को शिक्षा का मुफ्त व अनिवार्य अधिकार के तहत निजी स्कूलों में आर्थिक पिछड़ा वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटें रखने का प्रावधान है। याची ने बताया कि प्राप्त आंकड़ों और विधानसभा में सौंपी गई जानकारी के अनुसार पूरे पंजाब में एक भी विद्यार्थी को इस कोटा का लाभ नहीं मिला है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि नियम के अनुसार इस कोटा का लाभ तभी लिया जा सकता है जब सरकारी स्कूल में सीटें न बची हों। सरकारी स्कूल से एनओसी मिलने के बाद ही प्राइवेट स्कूल में कोटा के तहत आवेदन किया जा सकता है। इसी शर्त के कारण निजी स्कूलों में कोटा होने और कानून में प्रावधान होने के बावजूद बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला नहीं मिल पा रहा है। 
विज्ञापन


नियमों में संशोधन की भी मांग
याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि निजी स्कूलों को 25 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस कोटा से भरने का आदेश दिया जाए। इसके साथ ही सरकार को आदेश दिया जाए कि नियमों में संशोधन हो और एनओसी की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। इससे आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोगों के बच्चों को भी निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार के नियम एक्ट के खिलाफ
पंजाब सरकार ने कहा कि पंजाब के स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार के नियम बनाकर आप शिक्षा का अधिकार कानून के उद्देश्य को ही समाप्त कर देंगे। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पंजाब सरकार के नियम एक्ट के खिलाफ हैं। हाईकोर्ट ने सुनवाई 4 सप्ताह के लिए टालते हुए निजी स्कूलों में अंतरिम तौर पर 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का अंतरिम आदेश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed