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प्रताप बाजवा की याचिका पर HC में सुनवाई: पंजाब सरकार को नोटिस जारी, गिरफ्तारी पर रोक; बाजवा पर ये पाबंदी
Wed, 16 Apr 2025 12:02 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 16 Apr 2025 12:02 PM IST
सार
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि पंजाब में 50 बम आए हैं, जिनमें से 18 फट चुके हैं और 32 अभी बाकी हैं। इसके बाद पंजाब में सियासी बवाल शुरू हो गया है।
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partap bajwa
- फोटो : X @Partap_Sbajwa
विस्तार
पंजाब में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है। बाजवा को इस केस के बारे में प्रेस स्टेटमेंट जारी करने पर भी हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।
जवा ने उनके बयान को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। बाजवा ने आरोप लगाया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने कहा था कि 50 बम पंजाब पहुंच चुके हैं, जिसके गलत मायने निकाले जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें: हाईकोर्ट का अहम फैसला: उधार मांगे वाहन से हादसा तो चालक मुआवजे का हकदार नहीं, आश्रित नहीं कर सकते दावा
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बाजवा ने दावा किया कि पंजाब की खुफिया पुलिस का इस मामले में दुरुपयोग हुआ है। बाजवा ने कहा कि उन्होंने राज्य पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे और उसे निक्कमा कहा था। इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आती है, जो गृह विभाग भी संभालते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने इस आलोचना को व्यक्तिगत हमला मानते हुए राजनीतिक बदले की भावना से उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
याचिका में यह भी कहा गया है कि याची नेता प्रतिपक्ष के रूप में कैबिनेट मंत्री के दर्जे पर हैं और आम आदमी पार्टी सरकार की नीतियों तथा कानून व्यवस्था पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं।
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जवा ने उनके बयान को लेकर दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। बाजवा ने आरोप लगाया कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। उन्होंने कहा था कि 50 बम पंजाब पहुंच चुके हैं, जिसके गलत मायने निकाले जा रहे हैं।
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बाजवा ने दावा किया कि पंजाब की खुफिया पुलिस का इस मामले में दुरुपयोग हुआ है। बाजवा ने कहा कि उन्होंने राज्य पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे और उसे निक्कमा कहा था। इसकी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आती है, जो गृह विभाग भी संभालते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने इस आलोचना को व्यक्तिगत हमला मानते हुए राजनीतिक बदले की भावना से उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
याचिका में यह भी कहा गया है कि याची नेता प्रतिपक्ष के रूप में कैबिनेट मंत्री के दर्जे पर हैं और आम आदमी पार्टी सरकार की नीतियों तथा कानून व्यवस्था पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं।