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पहलगाम में मारे गए पर्यटकों को शहीद घोषित करें: केंद्र ने कहा-युद्ध की दहलीज पर हैं, सब्र रखें; HC ने क्या कहा
Wed, 07 May 2025 08:12 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 07 May 2025 08:12 AM IST
सार
22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ। जिसमें 26 लोगों की माैत हो गई थी। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान पर कई प्रतिबंध लगा दिए थे।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए 26 पर्यटकों को शहीद घोषित करने की मांग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
यह जनहित याचिका हाईकोर्ट के वकील आयुष आहूजा ने दायर की है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि जिन निर्दोष पर्यटकों की हत्या की गई, उन्हें आतंकियों ने धर्म के आधार पर निशाना बनाया। पर्यटकों ने आतंकवादियों का सैनिक की तरह सामना किया, उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को नहीं पता भारत सरकार क्या-क्या कदम उठा रही है।
यह भी पढ़ें: Operation Sindoor: अलर्ट पर पंजाब के बाॅर्डर और एयरबेस, पठानकोट में तीन दिन स्कूल-काॅलेज बंद
उन्होंने कहा कि हम संभावित युद्ध की स्थिति में हैं, इस समय ऐसे मुद्दों को उठाना उचित नहीं है। चीफ जस्टिस शील नागू ने कहा कि अगर कोई सैनिक शहीद होता है, तो उसे भी पुरस्कार देने में कम से कम एक साल का समय लगता है। याची को अभी इस मामले में सब्र रखते हुए इंतजार करना चाहिए।
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यह जनहित याचिका हाईकोर्ट के वकील आयुष आहूजा ने दायर की है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि जिन निर्दोष पर्यटकों की हत्या की गई, उन्हें आतंकियों ने धर्म के आधार पर निशाना बनाया। पर्यटकों ने आतंकवादियों का सैनिक की तरह सामना किया, उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाना चाहिए। केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को नहीं पता भारत सरकार क्या-क्या कदम उठा रही है।
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उन्होंने कहा कि हम संभावित युद्ध की स्थिति में हैं, इस समय ऐसे मुद्दों को उठाना उचित नहीं है। चीफ जस्टिस शील नागू ने कहा कि अगर कोई सैनिक शहीद होता है, तो उसे भी पुरस्कार देने में कम से कम एक साल का समय लगता है। याची को अभी इस मामले में सब्र रखते हुए इंतजार करना चाहिए।
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