सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड: आठ आरोपी बरी, गैंगस्टर और बर्खास्त पुलिस अधिकारी को सजा, मानसा कोर्ट का फैसला
पंजाब सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने आठ आरोपियों को बरी कर दिया है। वहीं मामले में एक गैंगस्टर और बर्खास्त पुलिस अधिकारी को दोषी करार देते हुए उन्हें सजा सुनाई गई है।
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पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड मामले में बुधवार को अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। पंजाब के मानसा जिला अदालत ने पुलिस हिरासत से फरार होने के मामले की सुनवाई करते एक गैंगस्टर और बर्खास्त पुलिस अधिकारी को सजा और जुर्माने का फैसला सुनाया है। मामला पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड से जुड़ा हुआ है। अदालत की ओर से सुनाए गए फैसले में गैंगस्टर दीपक टीनू को दो साल की सजा और दो हजार रुपये जुर्माना और सीआईए स्टाफ के बर्खास्त इंचार्ज प्रीतपाल सिंह को एक साल 11 महीने की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। वहीं इस आरोपी आठ लोगों को बरी कर दिया है।
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में नामजद गैंगस्टर दीपक टीनू एक अक्तूबर 2020 को सीआईए स्टाफ की पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। इस घटना के बाद डीजीपी पंजाब ने सीआईए स्टाफ इंचार्ज प्रितपाल सिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। पुलिस के मुताबिक इस मामले में बिट्टू से एक अवैध पिस्टल, चिराग से दो और प्रितपाल सिंह की रिहायश से तीन पिस्टल बरामद किए गए थे।
पुलिस ने दीपक टीनू के पुलिस हिरासत से फरार करने में उसकी मदद के आरोप में उसकी महिला मित्र जितेंद्र ज्योति, दीपक टीनू के भाई चिराग, कुलदीप कोहली, बिट्टू, राजिंदर गोरा, सुनील लोहिया, सर्वजोत सिंह व राजवीर सिंह को नामजद किया गया था, जिन्हें बरी कर दिया गया है।