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चंडीगढ़: नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस की बड़ी तैयारी, पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी और प्रदेश चुनाव समिति गठित
Fri, 07 Aug 2026 08:25 PM IST
मयूर शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: मयूर शर्मा
Updated Fri, 07 Aug 2026 08:25 PM IST
सार
राजनीतिक हलकों में इस कदम को नगर निगम चुनाव की रणनीति का पहला बड़ा संकेत माना जा रहा है। सबसे अहम बात यह है कि चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी को दोनों समितियों में शामिल किया गया है
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नगरचंडीगढ़ में निगम चुनाव से पहले कांग्रेस की बड़ी तैयारी
- फोटो : संवाद
विस्तार
दिसंबर 2026 में प्रस्तावित नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस हाईकमान ने संगठनात्मक तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने चंडीगढ़ टेरिटोरियल कांग्रेस कमेटी (सीटीसीसी) के लिए पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी और प्रदेश चुनाव समिति का गठन कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष की मंजूरी के बाद जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
राजनीतिक हलकों में इस कदम को नगर निगम चुनाव की रणनीति का पहला बड़ा संकेत माना जा रहा है। सबसे अहम बात यह है कि चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी को दोनों समितियों में शामिल किया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सांसद पवन कुमार बंसल को केवल पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में स्थान मिला है। उन्हें प्रदेश चुनाव समिति में शामिल नहीं किया गया है। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
प्रदेश चुनाव समिति का सीधा संबंध उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति से माना जाता है। ऐसे में सांसद मनीष तिवारी की मौजूदगी इस समिति में उनकी भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बनाएगी। माना जा रहा है कि नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशियों के टिकट वितरण, चुनावी रणनीति तय करने और संगठनात्मक समन्वय में उनकी निर्णायक भूमिका रहेगी। दिसंबर में नगर निगम चुनाव प्रस्तावित हैं। प्रशासनिक तैयारियों के अनुसार सितंबर के अंतिम सप्ताह तक चुनाव आचार संहिता लागू होने की संभावना है। इससे पहले कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने, संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन करने और वार्डवार चुनावी समीकरण तैयार करने की दिशा में तेजी से काम करेगी।
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ये नेता पॉलिटिक्ल अफेयर्स कमेटी में शाामिल
नई गठित पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में सांसद मनीष तिवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल, प्रदेशाध्यक्ष एचएस लक्की, कमलेश, चंदर शर्मा, रविंदर सिंह पाली, जेडपी खान और मनोज लुबाना को शामिल किया गया है। यह समिति संगठन से जुड़े राजनीतिक फैसलों और प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर विचार करेगी।
प्रदेश चुनाव समिति में ये नेता शामिल
प्रदेश चुनाव समिति में सांसद मनीष तिवारी के अलावा प्रदेशाध्यक्ष एचएस लक्की, कमलेश, चंदर शर्मा, सुरिंदर सिंह, राज कुमार गोयल, रविंदर सिंह पाली, जेडए खान, डीपीएस रंधावा, पवन शर्मा, जितेंद्र भाटिया, हरमैल बैंस (केसरी), रजिंदर कुमार नीतू, स्टेला मैरी जॉर्ज, डीडी जिंदल और कुलदीप सिंह कैम्बवाला को सदस्य बनाया गया है। यही समिति नगर निगम चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन और अंतिम सिफारिश में अहम भूमिका निभाएगी।
निगम चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता निभाएंगे अहम रोल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस हाईकमान ने इस गठन के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि आगामी नगर निगम चुनाव अनुभवी नेतृत्व की निगरानी में लड़ा जाएगा। सांसद मनीष तिवारी को दोनों समितियों में शामिल कर पार्टी ने उन्हें चुनावी तैयारियों का केंद्रीय चेहरा बनाया है। वहीं, पवन कुमार बंसल को चुनाव समिति से बाहर रखने को भी संगठनात्मक रणनीति के नजरिए से देखा जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि कांग्रेस वार्ड स्तर पर टिकट वितरण में किन चेहरों पर दांव लगाती है और भाजपा तथा आम आदमी पार्टी के मुकाबले अपनी चुनावी रणनीति को किस तरह धार देती है। नगर निगम चुनाव से पहले यह संगठनात्मक बदलाव चंडीगढ़ की राजनीति में नई हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है।
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राजनीतिक हलकों में इस कदम को नगर निगम चुनाव की रणनीति का पहला बड़ा संकेत माना जा रहा है। सबसे अहम बात यह है कि चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी को दोनों समितियों में शामिल किया गया है, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सांसद पवन कुमार बंसल को केवल पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में स्थान मिला है। उन्हें प्रदेश चुनाव समिति में शामिल नहीं किया गया है। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
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प्रदेश चुनाव समिति का सीधा संबंध उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति से माना जाता है। ऐसे में सांसद मनीष तिवारी की मौजूदगी इस समिति में उनकी भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बनाएगी। माना जा रहा है कि नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के पार्षद प्रत्याशियों के टिकट वितरण, चुनावी रणनीति तय करने और संगठनात्मक समन्वय में उनकी निर्णायक भूमिका रहेगी। दिसंबर में नगर निगम चुनाव प्रस्तावित हैं। प्रशासनिक तैयारियों के अनुसार सितंबर के अंतिम सप्ताह तक चुनाव आचार संहिता लागू होने की संभावना है। इससे पहले कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने, संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन करने और वार्डवार चुनावी समीकरण तैयार करने की दिशा में तेजी से काम करेगी।
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ये नेता पॉलिटिक्ल अफेयर्स कमेटी में शाामिल
नई गठित पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी में सांसद मनीष तिवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल, प्रदेशाध्यक्ष एचएस लक्की, कमलेश, चंदर शर्मा, रविंदर सिंह पाली, जेडपी खान और मनोज लुबाना को शामिल किया गया है। यह समिति संगठन से जुड़े राजनीतिक फैसलों और प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर विचार करेगी।
प्रदेश चुनाव समिति में ये नेता शामिल
प्रदेश चुनाव समिति में सांसद मनीष तिवारी के अलावा प्रदेशाध्यक्ष एचएस लक्की, कमलेश, चंदर शर्मा, सुरिंदर सिंह, राज कुमार गोयल, रविंदर सिंह पाली, जेडए खान, डीपीएस रंधावा, पवन शर्मा, जितेंद्र भाटिया, हरमैल बैंस (केसरी), रजिंदर कुमार नीतू, स्टेला मैरी जॉर्ज, डीडी जिंदल और कुलदीप सिंह कैम्बवाला को सदस्य बनाया गया है। यही समिति नगर निगम चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन और अंतिम सिफारिश में अहम भूमिका निभाएगी।
निगम चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता निभाएंगे अहम रोल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस हाईकमान ने इस गठन के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि आगामी नगर निगम चुनाव अनुभवी नेतृत्व की निगरानी में लड़ा जाएगा। सांसद मनीष तिवारी को दोनों समितियों में शामिल कर पार्टी ने उन्हें चुनावी तैयारियों का केंद्रीय चेहरा बनाया है। वहीं, पवन कुमार बंसल को चुनाव समिति से बाहर रखने को भी संगठनात्मक रणनीति के नजरिए से देखा जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि कांग्रेस वार्ड स्तर पर टिकट वितरण में किन चेहरों पर दांव लगाती है और भाजपा तथा आम आदमी पार्टी के मुकाबले अपनी चुनावी रणनीति को किस तरह धार देती है। नगर निगम चुनाव से पहले यह संगठनात्मक बदलाव चंडीगढ़ की राजनीति में नई हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है।