{"_id":"699013df10c9420d6f040eb9","slug":"atishi-video-case-delhi-assembly-secretariat-notice-to-jalandhar-commissioner-seeks-reply-by-feb-20-2026-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतिशी वीडियो मामला: दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने जालंधर पुलिस कमिश्नर को भेजा नोटिस, 20 फरवरी तक मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आतिशी वीडियो मामला: दिल्ली विधानसभा सचिवालय ने जालंधर पुलिस कमिश्नर को भेजा नोटिस, 20 फरवरी तक मांगा जवाब
Sat, 14 Feb 2026 11:51 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 14 Feb 2026 11:51 AM IST
सार
विशेषाधिकार समिति ने मामले में जवाब 12 फरवरी तक प्रस्तुत करने को कहा था। हालांकि निर्धारित समय सीमा तक जवाब प्राप्त नहीं हुआ। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विशेषाधिकार से जुड़े मामलों में जवाब सीधे संबंधित व्यक्ति द्वारा समिति को दिया जाना आवश्यक है।
विज्ञापन
जालंधर पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति ने जालंधर की पुलिस कमिश्नर को विशेषाधिकार हनन और अवमानना से जुड़े एक मामले में अंतिम अवसर देते हुए नोटिस जारी किया है। यह मामला दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी की कथित वीडियो से जुड़ा है जिसमें सिख गुरुओं के खिलाफ कथित टिप्पणी आरोप लगाया गया था। पंजाब पुलिस ने इस बाबत मामला दर्ज किया था।
नोटिस के अनुसार, विशेषाधिकार समिति ने मामले में जवाब 12 फरवरी तक प्रस्तुत करने को कहा था। हालांकि निर्धारित समय सीमा तक जवाब प्राप्त नहीं हुआ। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विशेषाधिकार से जुड़े मामलों में जवाब सीधे संबंधित व्यक्ति द्वारा समिति को दिया जाना आवश्यक है। समिति द्वारा मांगी गई जानकारी या दस्तावेज देने में देरी या इंकार को स्वयं विशेषाधिकार हनन और अवमानना माना जा सकता है।
दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति की अध्यक्ष के पूर्व अनुमोदन से जारी इस पत्र में अब 20 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया गया है।
विज्ञापन
नोटिस के अनुसार, विशेषाधिकार समिति ने मामले में जवाब 12 फरवरी तक प्रस्तुत करने को कहा था। हालांकि निर्धारित समय सीमा तक जवाब प्राप्त नहीं हुआ। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि विशेषाधिकार से जुड़े मामलों में जवाब सीधे संबंधित व्यक्ति द्वारा समिति को दिया जाना आवश्यक है। समिति द्वारा मांगी गई जानकारी या दस्तावेज देने में देरी या इंकार को स्वयं विशेषाधिकार हनन और अवमानना माना जा सकता है।
विज्ञापन
दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति की अध्यक्ष के पूर्व अनुमोदन से जारी इस पत्र में अब 20 फरवरी तक जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर दिया गया है।