पंजाब में गरमाई राजनीति: 'मान नहीं दे रहे ध्यान', दिल्ली चुनाव के बाद केजरीवाल पहली बार पंजाब में देंगे दस्तक
अरविंद केजरीवाल होशियारपुर के विपश्यना केंद्र पहुंचेंगे। केजरीवाल पिछली बार भी इसी विपश्यना केंद्र पर गए थे। उधर, विपक्ष का आरोप है कि पंजाब में दिल्ली का दखल बढ़ता जा रहा है। सीएम मान इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पंजाब में दस्तक देंगे। इससे प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। पहले जब मनीष सिसोदिया ने पंजाब के स्कूलों का दौरा किया था, उस पर भी काफी विवाद हुआ था। अब विपक्ष ने केजरीवाल के प्रस्तावित दौरे का विरोध शुरू कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि पंजाब में दिल्ली का दखल बढ़ता जा रहा है। सीएम मान इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल चुनाव के बाद होशियारपुर के विपश्यना केंद्र पहुंचेंगे। केजरीवाल पिछली बार भी इसी विपश्यना केंद्र पर गए थे। पंजाब आप के प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि केजरीवाल के विपश्यना केंद्र आने की चर्चा है। वह पहले भी यहां आ चुके हैं। यह कोई राजनीतिक दौरा नहीं, बल्कि उनका निजी दौरा होगा। वह हमेशा विपश्यना केंद्रों पर जाते रहते हैं।
नई दिल्ली सीट से अरविंद केजरीवाल को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। चुनाव में हार के बाद अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के विधायकों को दिल्ली बुलाया था, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल पंजाब का सीएम बनना चाहते हैं। जिस कारण वह अब प्रदेश में दखल बढ़ा रहे हैं। इसके बाद ही लुधियाना पश्चिम हलके से राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा को आप से उम्मीदवार घोषित करने के बाद यह चर्चा भी शुरू हो गई थी कि केजरीवाल पंजाब से राज्यसभा जाना चाहते हैं।
पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष अरविंद खन्ना ने दिल्ली में हार के बाद वहां के नेताओं की पंजाब कें दखलअंदाजी बढ़ती जा रही है। केजरीवाल का यह दौरा भी उसी का हिस्सा है। खन्ना ने आरोप लगाया कि पिछली कैबिनेट की बैठक की सरकार ने फोटो तक जारी नहीं की, क्योंकि उसमें दिल्ली के कुछ नेताओं के शामिल होने की चर्चा है। आप दिल्ली के नेता अब पंजाब पर काबिज होना चाहते हैं। खन्ना ने कहा कि केजरीवाल ने पहले दिल्ली में विधायकों को बुलाया और अब वह पंजाब आकर विधायकों व अधिकारियों की बैठक लेंगे। यह पंजाब के लोगों के साथ धोखा है।