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Punjab: किसानों का मददगार बनेगा AI... पंजाबी में देगा हर जानकारी, तकनीक के सहारे खेती में बढ़ेगी उपज
Sun, 12 Oct 2025 12:39 PM IST
अंकेश ठाकुर
राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sun, 12 Oct 2025 12:39 PM IST
सार
आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक की मदद से पंजाब के किसान खेती में उपज बढ़ा सकेंगे। एआई किसानों को हर जानकारी पंजाबी में देगा।
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खेती
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब में तकनीक के जरिये खेती उपज बढ़ाने पर काम किया जाएगा। पंजाब सरकार आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित मोबाइल एप्लीकेशन और चैटबोट तैयार करवा रहा है जो किसानों को मौसम के पूर्वनुमान, कीटनाशकों के सही इस्तेमाल, नकली बीजों के बारे में जानकारी देगा। पंजाबी व हिंदी दोनों भाषाओं में यह एआई किसानों के सवालों का जवाब देगा और साथ ही उन्हें जागरूक भी करेगा।
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पंजाब सरकार ने एप्लीकेशन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसे लेकर योग्य एजेंसियों से आवेदन मांगे गए हैं। सरकार अगले खरीफ सीजन से पहले इसका काम पूरा करना चाहती है, ताकि किसानों को इसका लाभ दिया जा सके। इससे फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा दिया जाएगा। धान और गेहूं को छोड़कर दूसरी फसलों की खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा एआई सरकारी योजनाओं व क्रॉप एडवाइजरी भी किसानों तक पहुंचाएगा।
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बाढ़ ने इस बार पंजाब में भारी तबाही मचाई है। बारिश से फसल का भी नुकसान हुआ है। ऐसे समय में मौसम के पूर्वनुमान की जानकारी किसानों के लिए जरूरी है। अभी तक ऐसी कोई सीधी सुविधा का विकल्प उपलब्ध नहीं है जिसके जरिये किसानों को मौसम के पूर्वनुमान और चेतावनी के बारे में समय पर अवगत करवाया जा सके। इस एप के जरिये यह संभव होगा। पंजाबी और हिंदी में ही एआई उपलब्ध करवाने का फैसला इसलिए लिया गया ताकि आम बोलचाल भाषा में उनके लिए इसे समझना आसान हो।
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तीन दिन पहले बारिश के कारण किसानों को खेतों में खड़ी फसल का नुकसान तो झेलना ही पड़ा साथ ही मंडियों में पड़े 5.43 लाख टन धान पर भी बारिश की मार पड़ी। कृषि विभाग के अनुसार अगर समय पर किसानों तक मौसम संबंधी चेतावनी मिल जाए तो फसल के नुकसान को बचाने के लिए उसी हिसाब से वह अपनी योजना तैयार कर सकते हैं। बाढ़ के कारण भी इस बार 5 लाख एकड़ में फसल खराब हुई। 3100 करोड़ रुपये की फसल का नुकसान हुआ है जिसमें प्रमुख रूप से धान की फसल शामिल हैं।
उपजाऊ भूमि व सेहत से खिलवाड़ कर रहे कीटनाशक
प्रदेश में कीटनाशकों का धड़ल्ले का इस्तेमाल हो रहा है जो उपजाऊ भूमि को नुकसान पहुुंचा रहे हैं। साथ ही यह लोगों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। किसानों को एआई कीटनाशकों के सही मात्रा में इस्तेमाल के बारे में जानकारी देगा। साथ ही यह घटिया और नकली कीटनाशकों से बचने के उपायों के बारे में भी अवगत करवाएगा। सरकार की तरफ से स्वीकृत कीटनाशकों की सूची समय-समय पर किसानों तक पहुंचाई जाएगी। घटिया कीटनाशकों के मामलों में भी बढ़ोतरी होती जा रही है। वर्ष 2019-20 में बिक्री केंद्रों से घटिया कीटनाशकों के पकड़े जाने के 82 मामले सामने आए थे जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 164 हो गए हैं।
एआई किसानों तक यह जानकारी भी पहुंचाएगा
नकली बीजों के बारे में किसानों को अवगत करवाएगा
फसल को कब और कितनी मात्रा में पानी की जरूरत
फसलों को कीटों के हमले व रोगों से बचाने के लिए उपायों की जानकारी देगा
फसलों को कीटों के हमले व रोगों से बचाने के लिए उपायों की जानकारी देगा