भ्रष्टाचार मामला: ओएडी घुम्मन के बाद अब सीबीआई की रडार पर छह करीबी, आज हुई पूछताछ
ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन से पूछताछ के बाद अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मामले में उनके छह करीबियों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी ने सभी छह लोगों को समन जारी कर रविवार को सीबीआई ऑफिस में पेश होने के निर्देश दिए थे।
विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन से पूछताछ के बाद अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) मामले में उनके छह करीबियों से पूछताछ की। जांच एजेंसी ने सभी छह लोगों को समन जारी कर रविवार सुबह 11 बजे चंडीगढ़ स्थित सीबीआई कार्यालय में पेश होने के निर्देश दिए थे।
यह मामला पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और ट्रांसफर-पोस्टिंग में अनियमितताओं के आरोपों की जांच से संबंधित है। सीबीआई इस मामले में घुम्मन और पांच अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच कर रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घुम्मन शुक्रवार को सीबीआई के सेक्टर-30 स्थित कार्यालय में पेश हुए थे, जहां उनसे करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई।
अब जांच एजेंसी उनके करीबियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े तथ्यों और आरोपों की कड़ियां जोड़ने का प्रयास करेगी। सीबीआई की जांच में सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग, टेंडर और अन्य प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित करने के बदले कथित आर्थिक लाभ लेने के आरोप शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
सीबीआई की पूछताछ को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के मानसा जिला परिषद चेयरमैन चुस्पिंदरबीर चहल ने कहा कि उन्होंने पहले भी जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया था और करीब छह घंटे तक पूछे गए सवालों के जवाब दिए थे। उन्हें उम्मीद थी कि सीबीआई उन्हें आज दोबारा पूछताछ के लिए बुलाएगी। चहल ने आरोप लगाया कि भाजपा का राजनीतिक एजेंडा मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की छवि को नुकसान पहुंचाना है।
#WATCH | Chandigarh: On CBI questioning, AAP Mansa Zila Parishad Chairman Chuspinderbir Chahal says, "... I cooperated with them when they called me earlier and answered their questions for six hours. I expected another call today... I believe the BJP has a political agenda to damage the Chief Minister’s and Arvind Kejriwal’s image. I was called over recommending an arms licence, which I acknowledged. As district council chairman,it is part of my duty... I have already given my statement, and they can ask further questions if they need more clarification..."
— ANI (@ANI) October 18, 2026
उन्होंने कहा कि उन्हें हथियार लाइसेंस की सिफारिश करने के मामले में बुलाया गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार किया है। जिला परिषद चेयरमैन के तौर पर किसी मामले में सिफारिश करना उनके कर्तव्यों का हिस्सा है।
चहल के मुताबिक, वह इस संबंध में अपना बयान पहले ही दर्ज करवा चुके हैं। यदि सीबीआई को किसी भी मुद्दे पर और स्पष्टीकरण चाहिए तो वह उनसे दोबारा सवाल पूछ सकती है। उन्होंने कहा कि वह जांच एजेंसी के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं।