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हिमाचल सीएम पर भड़के आप प्रवक्ता: सीएम सुक्खू को दी इतिहास पढ़ने की सलाह, किस बयान पर उठा विवाद
Sat, 03 May 2025 04:27 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 03 May 2025 04:27 PM IST
सार
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि 1963 में जब डैम बना है, तब से 370 गांव उजड़े, 27,000 एकड़ ज़मीन डूबी, लाखों पंजाबी विस्थापित हुए। आज तक इंसाफ और मुआवजा नहीं मिला।
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आप के प्रवक्ता नील गर्ग।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सुक्खू के बयान पर हमला बोला है। गर्ग ने कहा कि हिमाचल सीएम को इतिहास पढ़ना चाहिए। भाखड़ा डैम के नाम पर पंजाब को जख्म मिले हैं, पानी नहीं।
उन्होंने कहा कि 1963 में जब डैम बना है, तब से 370 गांव उजड़े, 27,000 एकड़ ज़मीन डूबी, लाखों पंजाबी विस्थापित हुए। आज तक इंसाफ और मुआवजा नहीं मिला। आज भी भाखड़ा डैम से 65% से ज़्यादा पानी हरियाणा और राजस्थान को दिया जा रहा है, जबकि पंजाब अपने हिस्से से भी कटौती झेल रहा है। हम किसी का हक़ नहीं छीनते, हम तो अपने हक़ की रखवाली कर रहे हैं।
31 मार्च तक हरियाणा ने 2987 एमएएफ के अपने कोटे की जगह 3091 एमएएफ पानी ले लिया। फिर भी पंजाब ने 4000 क्यूसेक पानी इंसानियत के आधार पर दे दिया। अगर हरियाणा का दावा सही होता तो केंद्रीय गृह सचिव द्वारा बुलाई गई चार राज्यों की बैठक में उसी वक़्त आदेश जारी हो जाता। बता दें कि सीएम सुखू ने कहा था कि हिमाचल का इतना नुकसान हुआ, लेकिन आज तक उनका हमारा हक नहीं मिला।
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उन्होंने कहा कि 1963 में जब डैम बना है, तब से 370 गांव उजड़े, 27,000 एकड़ ज़मीन डूबी, लाखों पंजाबी विस्थापित हुए। आज तक इंसाफ और मुआवजा नहीं मिला। आज भी भाखड़ा डैम से 65% से ज़्यादा पानी हरियाणा और राजस्थान को दिया जा रहा है, जबकि पंजाब अपने हिस्से से भी कटौती झेल रहा है। हम किसी का हक़ नहीं छीनते, हम तो अपने हक़ की रखवाली कर रहे हैं।
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31 मार्च तक हरियाणा ने 2987 एमएएफ के अपने कोटे की जगह 3091 एमएएफ पानी ले लिया। फिर भी पंजाब ने 4000 क्यूसेक पानी इंसानियत के आधार पर दे दिया। अगर हरियाणा का दावा सही होता तो केंद्रीय गृह सचिव द्वारा बुलाई गई चार राज्यों की बैठक में उसी वक़्त आदेश जारी हो जाता। बता दें कि सीएम सुखू ने कहा था कि हिमाचल का इतना नुकसान हुआ, लेकिन आज तक उनका हमारा हक नहीं मिला।
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