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पंजाबियों को नहीं बहा रहे इलेक्ट्रिक वाहन: नीति आयोग की रिपोर्ट में मिला 16वां पायदान, जानें चंडीगढ़ का स्थान
Thu, 17 Sep 2026 10:05 PM IST
शाहिल शर्मा
राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 17 Sep 2026 10:05 PM IST
सार
निजी ईवी पंजीकरण में पंजाब को 49 अंक मिले हैं, जबकि व्यावसायिक ईवी पंजीकरण में सिर्फ 15 अंक हासिल हुए हैं। वहीं, सरकारी प्रयासों के मामले में राज्य को 67 अंक मिले हैं।
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पंजाबियों को नहीं बहा रहे इलेक्ट्रिक वाहन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पंजाब सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है लेकिन ईवी अपनाने और इसके लिए जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित करने के मामले में पंजाब अब भी पिछड़ा हुआ है। इंडिया मोबिलिटी इंडेक्स 2025 में पंजाब 17 बड़े राज्यों में 16वें स्थान पर है जबकि 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की ओवरऑल रैंकिंग में भी इसकी स्थिति सात पायदान गिरी है। इसके विपरीत चंडीगढ़ 71 अंकों के साथ चौथे स्थान पर है। नीति आयोग की रिपोर्ट में यह स्थिति सामने आई है।
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इंडिया मोबिलिटी इंडेक्स 2025 में पंजाब को कुल 39 अंक मिले हैं। बड़े राज्यों में महाराष्ट्र 78 अंकों के साथ पहले, कर्नाटक 73 अंकों के साथ दूसरे और तमिलनाडु 61 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर है। पंजाब से नीचे केवल गुजरात है, जिसे 38 अंक मिले हैं। 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की संयुक्त रैंकिंग में दिल्ली 84 अंकों के साथ पहले, महाराष्ट्र दूसरे और कर्नाटक तीसरे स्थान पर हैं, जबकि चंडीगढ़ 71 अंकों के साथ चौथे स्थान पर है।
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निजी ईवी पंजीकरण में पंजाब को 49 अंक मिले हैं, जबकि व्यावसायिक ईवी पंजीकरण में सिर्फ 15 अंक हासिल हुए हैं। वहीं, सरकारी प्रयासों के मामले में राज्य को 67 अंक मिले हैं। वाहन और चार्जर के अनुपात में पंजाब को 40 अंक मिले हैं। इससे राज्य में चार्जिंग ढांचे को और मजबूत करने की जरूरत सामने आती है।
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पंजाबियों को नहीं बहा रहे इलेक्ट्रिक वाहन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
नीति आयोग ने की ये सिफारिशें
रिपोर्ट में ईवी को बढ़ावा देने के लिए पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर विशेष इंसेंटिव देने की सिफारिश की गई है। व्यावसायिक ईवी के लिए परमिट में छूट और चार्जिंग स्टेशनों के लिए बिजली की दरें कम करने का सुझाव दिया गया है। आसान मंजूरी प्रक्रिया के साथ चार्जिंग सुविधाओं के लिए कैपिटल सब्सिडी को प्राथमिकता देकर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की सिफारिश भी की गई है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र में कौशल विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया गया है।
ईवी की बिक्री बढ़ी, पर पेट्रोल-डीजल से अब भी पीछे
पंजाब में ईवी का पंजीकरण लगातार बढ़ रहा है, लेकिन पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में इसकी हिस्सेदारी अभी कम है। वर्ष 2024 में राज्य में 19,858 दोपहिया ई-वाहनों की बिक्री हुई थी, जो 2025 में बढ़कर 27,264 हो गई। इसी तरह 2024 में 4,150 ई-वाहनों की बिक्री हुई थी, जो 2025 में बढ़कर 8,367 तक पहुंच गई।
पॉलिसी में सरकार ने किए ये प्रावधान
पंजाब सरकार ने ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति को एक साल का विस्तार दिया है। अब यह नीति 20 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। इसके तहत लोगों को ई-वाहनों की खरीद पर पहले की तरह इंसेंटिव मिल रहा है। नीति 21 फरवरी 2023 को लागू की गई थी। इसमें चार्जिंग स्टेशन और ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के प्रावधान भी हैं। ई-वाहन निर्माता कंपनियों को आकर्षित करने के लिए 50 करोड़ रुपये के इंसेंटिव की योजना भी इसमें शामिल है।
रिपोर्ट में ईवी को बढ़ावा देने के लिए पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर विशेष इंसेंटिव देने की सिफारिश की गई है। व्यावसायिक ईवी के लिए परमिट में छूट और चार्जिंग स्टेशनों के लिए बिजली की दरें कम करने का सुझाव दिया गया है। आसान मंजूरी प्रक्रिया के साथ चार्जिंग सुविधाओं के लिए कैपिटल सब्सिडी को प्राथमिकता देकर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की सिफारिश भी की गई है। इलेक्ट्रिक मोबिलिटी क्षेत्र में कौशल विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया गया है।
ईवी की बिक्री बढ़ी, पर पेट्रोल-डीजल से अब भी पीछे
पंजाब में ईवी का पंजीकरण लगातार बढ़ रहा है, लेकिन पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में इसकी हिस्सेदारी अभी कम है। वर्ष 2024 में राज्य में 19,858 दोपहिया ई-वाहनों की बिक्री हुई थी, जो 2025 में बढ़कर 27,264 हो गई। इसी तरह 2024 में 4,150 ई-वाहनों की बिक्री हुई थी, जो 2025 में बढ़कर 8,367 तक पहुंच गई।
पॉलिसी में सरकार ने किए ये प्रावधान
पंजाब सरकार ने ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति को एक साल का विस्तार दिया है। अब यह नीति 20 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। इसके तहत लोगों को ई-वाहनों की खरीद पर पहले की तरह इंसेंटिव मिल रहा है। नीति 21 फरवरी 2023 को लागू की गई थी। इसमें चार्जिंग स्टेशन और ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के प्रावधान भी हैं। ई-वाहन निर्माता कंपनियों को आकर्षित करने के लिए 50 करोड़ रुपये के इंसेंटिव की योजना भी इसमें शामिल है।