आप ने विधायक को किया बाहर: पंजाब चुनाव से पहले सुखवीर मैसरखाना पर गिरा गाज, किस बात हुआ इतना बड़ा एक्शन?
इस बड़े फैसले के बाद पंजाब की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि संगठन विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की अंदरूनी कलह शनिवार को खुलकर सामने आ गई। मौड़ विधानसभा क्षेत्र से आप विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना फेसबुक लाइव के दौरान भावुक हो गए और अपनी ही सरकार व पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हलके के मुद्दे पार्टी हाईकमान के सामने उठाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
'मैं कार्रवाई के लिए तैयार'
लाइव के दौरान भावुक हुए विधायक ने कहा कि मेरे साथ धक्के पर धक्का हो रहा है, आखिर कितना कुछ बर्दाश्त करूं? उन्होंने कहा कि अगर उनसे कोई गलती हुई है तो उन्हें बताया जाए। वह हर जांच या कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं।
उठाया था स्कूल का मुद्दा
मैसरखाना ने मौड़ मंडी हलके के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने विशेष रूप से बुर्ज सेमा वाला सहित अन्य स्कूलों में शिक्षकों की कमी का जिक्र करते हुए कहा कि बार-बार मामला उठाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने सवाल किया कि स्कूलों में शिक्षक नहीं होंगे तो बच्चों का भविष्य कैसे सुधरेगा।
'मैं लोगों के हक लिए राजनीति में आया'
उन्होंने कहा कि वह राजनीति में लोगों के हक और बच्चों के भविष्य के लिए आए हैं। उन्हें टिकट मिले या न मिले, इसकी उन्हें परवाह नहीं है। इसके अलावा उन्होंने करैल गांव के सरपंची चुनाव में दोबारा मतगणना कराने की मांग भी उठाई।
पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित
विधायक के फेसबुक लाइव के कुछ ही घंटों बाद आम आदमी पार्टी ने कार्रवाई की। पार्टी की ओर से जारी पत्र के अनुसार, सुखवीर सिंह मैसरखाना को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया है। पार्टी ने उन पर पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने, कथित झूठी बयानबाजी और अनुशासनहीनता के आरोप लगाए हैं। पार्टी ने संबंधित स्कूलों में आवश्यक शैक्षणिक स्टाफ तैनात होने का दावा करते हुए विधायक के आरोपों को भ्रामक बताया है।