आप ने विधायक को किया बाहर: पंजाब चुनाव से पहले सुखवीर मैसरखाना पर गिरा गाज, किस बात हुआ इतना बड़ा एक्शन?
इस बड़े फैसले के बाद पंजाब की राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि संगठन विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विस्तार
आम आदमी पार्टी (आप) ने अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए बठिंडा की मौर विधानसभा सीट से विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। पार्टी नेतृत्व का आरोप है कि विधायक द्वारा लगातार पार्टी के खिलाफ झूठी अफवाहें फैलाई जा रही थीं और सार्वजनिक रूप से संगठन की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा था, जिसके चलते यह सख्त कार्रवाई की गई है।
स्कूल के आंकड़ों पर घिरे विधायक
सूत्रों और पार्टी से मिली जानकारी के अनुसार, विधायक सुखवीर मैसरखाना ने हाल ही में एक स्कूल की व्यवस्था और वहां शिक्षकों की कमी को लेकर बयानबाजी की थी। विधायक ने जिस स्कूल का विशेष तौर पर जिक्र किया था, जब उसकी जमीनी हकीकत और प्रशासनिक रिकॉर्ड की जांच की गई, तो मामला पूरी तरह से उलट निकला। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, उस स्कूल में पहले से ही पर्याप्त संख्या में यानी 25 अध्यापक मौजूद हैं।
झूठी अफवाह और छवि खराब करने का आरोप
पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने के बावजूद विधायक द्वारा बिना तथ्यों की पुष्टि किए सार्वजनिक मंचों पर भ्रामक बयान दिए गए। इससे न केवल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, बल्कि आम आदमी पार्टी की छवि को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। पार्टी ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।