फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   ₹400-crore plan Chandigarh nagar nigam 1100 km of old sewer lines to be repaired without excavation

चंडीगढ़ में 400 करोड़ का नया प्लान: बिना खुदाई दुरुस्त होंगी 1100 किमी पुरानी सीवर लाइनें, निगम को फायदा

Tue, 29 Sep 2026 12:41 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Tue, 29 Sep 2026 12:41 PM IST
सार

चंडीगढ़ में पुरानी सीवर लाइन पर सीआईपीपी-एमडब्ल्यूएसएल तकनीक से नई परत बनाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट का काम जिस भी कंपनी को मिलेगा, उसी के जिम्मे 15 साल तक सीवर नेटवर्क की मेंटेनेंस और सुपरविजन भी होगी।

विज्ञापन
₹400-crore plan Chandigarh nagar nigam 1100 km of old sewer lines to be repaired without excavation
चंडीगढ़ में अब बिना खोदाई दुरुस्त होंगी सीवर लाइन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ में 60 से 70 साल पुरानी बिछी 1100 किमी सीवर पाइप लाइन को अब सड़क खोदे बिना ही दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने 400 करोड़ रुपए की प्रपोजल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 
विज्ञापन


पुरानी सीवर लाइन पर सीआईपीपी-एमडब्ल्यूएसएल तकनीक से नई परत बनाई जाएगी। इस प्रोजेक्ट का काम जिस भी कंपनी को मिलेगा, उसी के जिम्मे 15 साल तक सीवर नेटवर्क की मेंटेनेंस और सुपरविजन भी होगी।
विज्ञापन


400 करोड़ रुपए की इस परियोजना में 25 फीसदी राशि केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए ), 25फीसदी चंडीगढ़ प्रशासन और 25 फीसदी नगर निगम को शेयर देना है। जबकि 25 फीसदी को निगम 15 साल में किस्तों के तौर पर देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले प्रशासन की मुहर, फिर निगम सदन में आएगा एजेंडा
निगम इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार करने में जुटा है। इसे सेक्रेटरी लोकल गवर्नमेंट के सामने रखा जाएगा। इसके बाद निगम सदन की मंजूरी के लिए एजेंडा रखा जाएगा। सदन से स्वीकृति मिलने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

हर साल बचेंगे 16 करोड़
इस तकनीक में पुराने सीवर पाइप के टूटे हिस्से को खोदकर निकालने के बजाय पाइप के अंदर ही नई लाइनिंग तैयार करके मजबूत किया जाता है। शहर में सीवर लाइन की मरम्मत के दौरान सड़कों की खुदाई करके दोबारा सीवर लाइन डालने से ट्रैफिक बाधित होने और बार बार सीवर लाइन की मरम्मत कराने पर सालाना 16 करोड़ खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।

वहीं यह प्रोजेक्ट सिर्फ सीवर लाइन की मरम्मत तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि प्रस्ताव में 15 साल का मेंटेनेंस और सुपरविजन भी शामिल किया जा रहा है। कंपनी को शहर के सेक्टरों के रिहायशी , कमर्शियल एरिया के 1100 किलोमीटर सीवर लाइन नेटवर्क में नई परत बनानी है। पुरानी हो चुकी पाइपलाइन में लीकेज और पाइप का ढांचा कमजोर होने के कारण कहीं न कहीं रोजाना सड़कें खोदकर मरम्मत करनी पड़ती है। 

क्या है सीआईपीपी-एमडब्ल्यूएसएल तकनीक
मौजूदा पाइप के अंदर ही नई मजबूत पाइप की परत तैयार की जाती है। सीसीटीवी कैमरे की मदद से पुरानी सीवर लाइन के अंदर की स्थिति देखी जाती है, लाइन की सफाई हाई प्रेशर वाटर जेटिंग से पाइप के अंदर जमा मिट्टी, सिल्ट और कचरा निकाला जाता है। पाइप के व्यास के हिस्से में फाइबर का लचीला लाइनर तैयार करके रेजिन से भिगोकर पुरानी सीवर लाइन की पाइप की दीवार के अंदर हवा के दबाव से स्थापित किया जाता है। इसे भाप या यूवी लाइट से क्योर किया जाता है।


नगर निगम के चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा का कहना है कि शहर की 1100 किलोमीटर सीवर पाइप लाइन को सीआईपीपी-एमडब्ल्यूएसएल तकनीक से दुरुस्त करने की प्रपोजल बनाई जा रही है। प्रशासन की अप्रूवल के बाद एजेंडा निगम हाउस में लाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed