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पंजाब: 6635 ईटीटी शिक्षकों की नियुक्ति पर लगा ब्रेक, सरकार फिलहाल नहीं करवाएगी ज्वाइन
Tue, 02 Nov 2021 09:26 AM IST
प्रमोद कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: प्रमोद कुमार
Updated Tue, 02 Nov 2021 09:26 AM IST
सार
पंजाब में ईटीटी भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका में दाखिल अर्जी पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें पंजाब सरकार ने अपनी अंडरटेकिंग दी है। भर्ती के लिए योग्यता मानकों को बदलने की अधिूसचना को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। जिसके बाद अब सरकार ने पक्ष रखा है। याची ने कहा है कि शिक्षा के विषय में एनसीटीई द्वारा तय की गई योग्यता को राज्य सरकार द्वारा परिवर्तित नहीं किया जा सकता।
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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
ईटीटी शिक्षकों की भर्ती के लिए स्नातक के साथ बीएड करने वालों को अयोग्य घोषित करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका में दाखिल अर्जी पर पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में अंडरटेकिंग दी कि चयनित आवेदकों को नियुक्ति नहीं दी जाएगी। 6635 पदों पर होने वाली इस भर्ती के लिए केवल दस्तावेजों की जांच का काम पूरा किया जाएगा। याचिका दाखिल करते हुए हरविंदर सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि एनसीटीई ने 2018 में नोटिफिकेशन जारी करते हुए एलिमेंट्री ट्रेंड टीचर्स पद के लिए बीएड और 50 प्रतिशत अंक के साथ स्नातक करने वालों को योग्य करार दिया था।
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कुछ याचियों ने दी थी चुनौती
याची ने कहा कि शिक्षा के विषय में एनसीटीई द्वारा तय की गई योग्यता को राज्य सरकार द्वारा परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। याची ने बताया कि हाल ही में हुई भर्तियों में बीएड और 50 प्रतिशत अंक के साथ स्नातक करने वालों को शामिल किया गया और नियुक्ति भी दी गई। 29 जुलाई 2021 को पंजाब सरकार ने नियमों में संशोधन करते हुए बीएड और 50 प्रतिशत अंक के साथ स्नातक करने वालों को एलिमेंट्री शिक्षक पद के लिए अयोग्य करार दे दिया। याचिकाकर्ताओं ने इसी नोटिफिकेशन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
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पंजाब सरकार को जारी किया गया था नोटिस
याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न इस नोटिफिकेशन व संशोधन पर रोक लगा दी जाए। अब आवेदकों ने अर्जी दाखिल कर कहा है कि सरकार ने दस्तावेजों की जांच के लिए आवेदकों को बुलाया है। इंटरव्यू का प्रावधान नहीं है और ऐसे में सरकार कभी भी चयनित आवेदकों को नियुक्ति दे सकती है। ऐसे में याचिका का कोई औचित्य नहीं बचेगा। इस पर पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में अंडरटेकिंग दी कि हाईकोर्ट में याचिका पर अगली सुनवाई तक किसी भी चयनित आवेदक को नियुक्ति नहीं दी जाएगी।