{"_id":"61ea5354a77e1562fc227a51","slug":"bodies-of-the-two-indians-who-lost-their-lives-in-abu-dhabi-fire-incident-reach-amritsar","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब: ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले दोनों भारतीयों के शव अमृतसर पहुंचे, आबू धाबी एयरपोर्ट पर हुआ था हमला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब: ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले दोनों भारतीयों के शव अमृतसर पहुंचे, आबू धाबी एयरपोर्ट पर हुआ था हमला
Fri, 21 Jan 2022 12:01 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 21 Jan 2022 12:01 PM IST
सार
17 जनवरी को आबू धाबी में आग लगने की घटना में जान गंवाने वाले दो भारतीयों के शव शुक्रवार को अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे।
विज्ञापन
अमृतसर पहुंचे भारतीयों के शव।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से दो भारतीयों के शव शुक्रवार को लाए गए। दोनों की मौत एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले के दौरान हुई थी। यूएई की फ्लाइट से लाए गए दोनों भारतीयों के शवों को डीएसपी बाबा बकाला हरकिशन सिंह ने श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर रिसीव किया। दोनों भारतीयों के परिवार शव लेने एयरपोर्ट पहुंचे थे। जहां डीएसपी बाबा बकाला और मोगा डीसी आफिस के अधिकारियों ने श्रद्धांजलि देने के बाद संबंधित परिवारों को शव सौंप दिए।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक अमृतसर के बाबा बकाला तहसील के गांव हसामपुर खुर्द के हरदीप सिंह और मोगा के बाघापुराना गांव नाथोके निवासी हरदेव सिंह रोजी रोटी की तलाश में यूएई गए थे। जहां सोमवार को यूएई की राजधानी अबू धाबी के एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले में दोनों की मौत हो गई थी। इसमें एक पाकिस्तानी नागरिक भी मारा गया था, क्योंकि यह हमला पेट्रोल टैंकरों पर किया गया था और घटना के वक्त यह तीनों टैंकर चला रहे थे।
विज्ञापन
हरदीप का शव लेने उनका परिवार आज सुबह एसजीआरडी एयरपोर्ट पहुंचा था। जबकि हरदेव का भाई सुखदेव सिंह अपने भाई के शव को लेकर यहां पहुंचा था। एयरपोर्ट पर सुखदेव ने बताया कि उनका भाई हरदेव सिंह दुबई में पैसा कमाने गया था। उनका भाई शादीशुदा है और उनका एक चार साल का बच्चा भी है, जो नाथोके गांव में ही रहता है।
विज्ञापन
वहीं दूसरी तरफ हरदीप के भाई राजबीर सिंह ने बताया कि उनके भाई की आठ माह पहले ही शादी हुई थी। शादी के बाद उनकी भाभी (हरदीप की पत्नी) कनाडा चली गईं और उनका भाई काम करने यूएई चला गया, जहां यह हादसा हो गया। इस हादसे से उनका परिवार टूट गया है, क्योंकि हरदीप से परिवार को काफी उम्मीदें थीं।