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Jalandhar : आतंकी निज्जर की हत्या के लिए डार्क वेब पर दी सुपारी, शार्प शूटरों का किया गया इस्तेमाल

Thu, 22 Jun 2023 05:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा सुरिंदर पाल, जालंधर
सुरिंदर पाल, जालंधर Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 22 Jun 2023 05:40 AM IST
सार

हत्या के लिए ठीक वैसे ही शूटर थे, जैसे परमजीत सिंह पंजवड़ व हरमीत सिंह पीएचडी के लिए पाकिस्तान में इस्तेमाल हुए थे। ऐसे ही शूटरों का इस्तेमाल कनिष्क विमान विस्फोट के आरोपी रिपुदमन सिंह की हत्या के लिए भी किया गया था।

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Bet given on dark web for the murder of terrorist Nijjar
खालिस्तान समर्थक हरदीप निज्जर की हत्या। - फोटो : twitter

विस्तार

कनाडा के सरी में गुरु नानक गुरुद्वारा के प्रधान और भारत में घोषित कुख्यात आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के लिए शार्प शूटरों का इस्तेमाल किया गया। हत्या के लिए ठीक वैसे ही शूटर थे, जैसे परमजीत सिंह पंजवड़ व हरमीत सिंह पीएचडी के लिए पाकिस्तान में इस्तेमाल हुए थे। ऐसे ही शूटरों का इस्तेमाल कनिष्क विमान विस्फोट के आरोपी रिपुदमन सिंह की हत्या के लिए भी किया गया था। हत्या की सुपारी के लिए डार्क वेब के इस्तेमाल की भी बात सामने आ रही है।

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रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) इस बात को लेकर जांच कर रही है कि निज्जर की हत्या कांट्रैक्ट किलिंग के जरिये की गई है और इसके लिए डार्क वेब का इस्तेमाल किया गया। सूत्रों के मुताबिक, कनाडा पुलिस ने निज्जर को आगाह भी किया था कि उसकी हत्या को लेकर डार्क वेब पर कोडिंग की गई है। निज्जर ने अपनी हत्या की आशंका गुरुद्वारे की संगत को संबोधित करते हुए भी जताई थी, वो भी हत्या से एक दिन पहले। 
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रिपुदमन की हत्या का जवाब तो नहीं
आरसीएमपी की जांच इस बात को लेकर भी चल रही है कि रिपुदमन सिंह की हत्या का आरोप हरदीप निज्जर पर लगा था, कहीं उस वारदात का बदला तो नहीं लिया गया है? कनाडा पुलिस डार्क वेब को डिकोड करने में लगी है, ताकि इस मामले का सच पूरी तरह से सामने आ सके।
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डार्क वेब से जुड़ रही कड़ी, जांच आसान नहीं 
हत्या की कड़ी डार्क वेब से जुड़ रही है, जहां पर निज्जर की सुपारी दी गई थी। आरसीएमपी की जांच भी डार्क वेब पर चल रही है, लेकिन इसकी मंजिल तक पहुंचना नामुमकिन है। निज्जर की हत्या को अंजाम बिलकुल वैसे दिया गया है, जैसे पाकिस्तान में हरमीत सिंह पीएचडी व परमजीत सिंह पंजवड की हत्या की गई थी। वैंकुवर के सरी में ही रिपुदमन सिंह की हत्या भी शूटरों ने की थी, इन हत्याओं में कोई सुराग नहीं लगा है। 
-गुरप्रीत सिंह, वरिष्ठ लेखक व पत्रकार, कनाडा

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