पंजाब में फिर थाने पर अटैक: बख्शीवाला चाैकी पर फेंका गया ग्रेनेड, इस खालिस्तानी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी ली
पंजाब में बीते 25 दिनों में छह बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया है। इन सभी आतंकी हमलों में पुलिस थानों को निशाने पर लिया गया है। बख्शीवाला चाैकी पर हमला इसी कड़ी में सातवां मामला है।
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पंजाब में एक बार फिर पुलिस चाैकी पर हमला किया गया है। गुरदासपुर जिले की बख्शीवाला पुलिस चौकी पर ग्रेनेड से हमला करने का मामला सामने आया है। आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने इसकी जिम्मेदारी ली है। एक महीने के अंदर यह सातवां ग्रेनेड हमला है। इस हमले से पहले पंजाब में बीते 25 दिनों में छह बड़े आतंकी हमलों को अंजाम दिया गया है। इन सभी आतंकी हमलों में पुलिस थानों को निशाने पर लिया गया है।
जिला गुरदासपुर में वीरवार तड़के करीब चार बजे थाना कलानौर के तहत आती पुलिस चौकी बख्शीवाल में ग्रेनेड हमला किया गया। हालांकि धमाके में ज्यादा नुकसान की खबर नहीं है। पुलिस भी फिलहाल किसी भी तरह की जानकारी देने से इनकार कर रही है। वीरवार को सूचना मिलते ही गुरदासपुर पुलिस की विभिन्न टीमें पुलिस चौकी बख्शीवाल पहुंच गईं। इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया है। डॉग स्क्वायड की टीमों की सहायता से सर्च अभियान चलाया जा रहा है। दूसरी तरफ पता चला है कि जिस जगह धमाका हुआ, वहां से 20 दिन पहले पुलिस चौकी हटाई जा चुकी थी।
उधर जब एसएसपी गुरदासपुर दयामा हरीश कुमार के साथ बात की गई तो उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने धमाका होने की कोई भी पुष्टि नहीं की। उन्होंने कहा कि जोरदार आवाज आने की सूचना मिली थी, जिसके बाद जांच जारी है। वहीं चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित पंजाब पुलिस मुख्यालय को बम से उड़ाने की धमकी भी मिली है। इसकी सूचना मिलते ही वीरवार सुबह यूटी पुलिस ने मुख्यालय में पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू की। मुख्यालय के आगे व पीछे दोनों तरफ पुलिस की कई गाड़ियों को तैनात कर दिया गया है। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। मुख्यालय में एंट्री को लेकर पंजाब पुलिस ने पहले से अधिक चेकिंग बढ़ा दी है। बाहरी लोगों को एंट्री नहीं दी जा रही है।
पुलिस की व्यवस्था पर सवालसुरक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि पुलिस थानों व चौकियों पर हो रहे लगातार हमलों से जहां अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं वहीं पंजाब पुलिस की लचर व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हाेने लगे हैं। खुफिया एजेंसियों की कारगुजारी भी कठघरे में है। पंजाब की चौकियों पर पिछले 26 दिन में यह सातवां हमला है। हालांकि अजनाला में ग्रेनेड मिलने के मामले में दो आरोपी पकड़े भी जा चुके हैं लेकिन पुलिस अब तक इस कड़ी के सिरे तक पहुंचने में नाकाम ही साबित हुई है।
पंजाब डीजीपी गौरव यादव का मानना है कि भारत के खिलाफ लगातार साजिशें रची जा रही हैं। इन साजिशों के अंजाम देने के लिए पंजाब को टारगेट किया जा रहा है। पंजाब ने आतंकवाद के खिलाफ लंबे समय तक जंग लड़ी है।
थानों पर हुए ग्रेनेड हमलों के पीछे के मकसद को जानने में जुटे जांच अधिकारियों के अनुसार कनाडा, अमेरिका, न्यूजीलैंड, फिलीपींस और अन्य देश में कई ऐसे संगठन ऐसे हैं जो न केवल विदेश में भारत के खिलाफ षड्यंत्रों को रचने में जुटे हैं, बल्कि अपने मूवमेंट को जिंदा रखने के लिए भारत में खासकर पंजाब में इस प्रकार के हमलों को अंजाम देते हैं।
पंजाब कैडर के 1977 बैच के पूर्व आईपीएस एवं पंजाब के पूर्व डीजीपी शशिकांत बताते हैं कि थानों पर जो हैंड ग्रेनेड हमले हुए हैं, उनमें देखने को मिला है कि इन हैंड ग्रेनेड के फटने से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। इन विस्फोटकोंं की मारक क्षमता अधिक नहीं थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह पुराने हैंड ग्रेनेड थे। ये कहीं दबे या किसी जगह पर लंबे समय से पड़े रहे होंगे, जिनका इस्तेमाल कुछ ग्रुप थानों को टारगेट कर डर का माहौल बनाना चाहता हैं।
वैसे सही तथ्य तभी पता चल सकते हैं जब इन थानों में हुए ग्रेनेड हमलों या बरामद हुए आईईडी की फोरेंसिक जांच करा पता लगाया जाए कि यह कब के बने हुए हैं या इनका मॉडल क्या है। बड़ा दावा करते हुए पूर्व डीजीपी ने कहा कि आतंकवाद का दौर देखा जाए तो इस प्रकार के हमले आतंकी संगठन अपने स्लीपर सेल्स को एक्टिव करने के लिए भी करवाते थे। हो सकता है अपने स्लीपर सेल्स को एक्टिव कर इस प्रकार के हमले के जरिये आने वाले दिनों में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया जा रहा हो।