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युवाओं ने गांव को किया सैनिटाइज
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कोरोना वायरस के कारण प्रदेश में लगे कर्फ्यू के दौरान लोगों की मदद के लिए नौजवान बहुत सार्थक भूमिका निभा रहे हैं। नोजवानों ने न केवल अपने गांव को सैनिटाइज करने की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली है, वही गांव के समृद्ध परिवारों से दान की राशि एकत्र कर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को राशन बांटने की मुहिम शुरू की है। अमृतसर के गांव फतेहगढ़ सुकरचक के नौजवानो ने गांव को कोरोना वायरस से मुक्त करने के लिए गालियों नालियों की सफाई कर सैनिटाइजर करने का बीड़ा उठाया है।
डिप्टी कमिश्नर शिवदुलार सिंह ढिल्लों को गावं के नोजवानो द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी मिली तो वह खुद गांव पहुंच गए। उस समय गावं के नौजवान घर-घर में सैनिटाइज कर रहे थे। साथ ही एक बड़ी ट्राली में प्लास्टिक थैलों में 400 से अधिक के पैकेट राशन के रखे हुए थे। डीसी के आगमन की सूचना पाकर इन नोजवानो ने राशन की इस ट्राली के आसपास तीन-तीन फुट की दूरी के निशान लगा रखे थे। ताकि डीसी के साथ बातचीत करने दौरान कोरोना वायरस के प्रभाव से बचा जा सके।
गांव के नौजवान परमजीत ने डीसी को बताया की उनके साथियों ने पहले उन लोगों की एक सूचि तैयार की जो आर्थिक रूप में बहुत ही कमजोर थे। यह परिवार दिहाड़ी कर अपना पेट पालता है। फिर उन्होंने गांवंके समृद्ध लोगों के साथ इन परिवारों की मदद करने का प्रस्ताव रखा। इन परिवारों से दान में मिली धनराशि से राशन खरीदा गया ह, जो बांटा जा रहा है। यह राशन 15 दिन का है। गांव को सैनिटाइज करके के बाद हर घर में छिड़काव किया गया। डीसी ने गांव के इन नौजवानों के प्रयासों पर शाबाशी देते हुए कहा की इस प्रकार के प्रयास कोरोना वायरस को हराने में मदद मिलेगी।
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डिप्टी कमिश्नर शिवदुलार सिंह ढिल्लों को गावं के नोजवानो द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी मिली तो वह खुद गांव पहुंच गए। उस समय गावं के नौजवान घर-घर में सैनिटाइज कर रहे थे। साथ ही एक बड़ी ट्राली में प्लास्टिक थैलों में 400 से अधिक के पैकेट राशन के रखे हुए थे। डीसी के आगमन की सूचना पाकर इन नोजवानो ने राशन की इस ट्राली के आसपास तीन-तीन फुट की दूरी के निशान लगा रखे थे। ताकि डीसी के साथ बातचीत करने दौरान कोरोना वायरस के प्रभाव से बचा जा सके।
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गांव के नौजवान परमजीत ने डीसी को बताया की उनके साथियों ने पहले उन लोगों की एक सूचि तैयार की जो आर्थिक रूप में बहुत ही कमजोर थे। यह परिवार दिहाड़ी कर अपना पेट पालता है। फिर उन्होंने गांवंके समृद्ध लोगों के साथ इन परिवारों की मदद करने का प्रस्ताव रखा। इन परिवारों से दान में मिली धनराशि से राशन खरीदा गया ह, जो बांटा जा रहा है। यह राशन 15 दिन का है। गांव को सैनिटाइज करके के बाद हर घर में छिड़काव किया गया। डीसी ने गांव के इन नौजवानों के प्रयासों पर शाबाशी देते हुए कहा की इस प्रकार के प्रयास कोरोना वायरस को हराने में मदद मिलेगी।
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