Return To Pakistan: किसी की छूटी पढ़ाई तो किसी के बच्चे, 45 साल बाद लौटी अजरबी भट्टी, बेटे के लिए रो रही रेशमा
पहलगाम आतंकी हमले के बाद हालात यह बने हुए हैं कि भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को ढूंढ-ढूंढकर उनके मुल्क भेजा जा रहा है। कुछ लोग तो ऐसे हैं जिनके परिवार भारत में ही बसे है, लेकिन उन्हें देश छोड़कर पाकिस्तान जाना पड़ रहा है।
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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत में बसे पाकिस्तानी नागरिकों को उनके मुल्क भेजा जा रहा है। मंगलवार तक पाक नागरिकों को भारत छोड़ने के लिए समय दिया गया था, लेकिन अब जो लोग खुद पाकिस्तान नहीं गए उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर देश से निकाला जा रहा है। इन लोगों को भी अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान भेजा जा रहा है। बुधवार को ऐसे कई लोग पाकिस्तान भेजे गए जो पाकिस्तान जाना ही नहीं चाहते थे। क्योंकि वह दशकों से भारत में बसे हुए थे। इनमें कई महिलाएं ऐसी हैं जो शादी कर भारत आई थी और अब पाकिस्तान जाना नहीं चाहती। क्योंकि इनका परिवार भारत में ही बसा है और पाकिस्तान में कोई नहीं है।
अटारी बॉर्डर से ऐसे लोगों को भी पाकिस्तान भेजा गया जिन्हें भारत की नागरिकता मिल चुकी थी। उन्हें भी वापस भेजने का सिलसिला शुरू हो गया है। पाकिस्तानी नागरिक ओसामा जोकि 2008 में भारत आया था और यहीं पर ही उसने अपनी पढ़ाई पूरी की। ओसामा का कहना है कि उसका आधार कार्ड, राशन कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र भारत का है। उसकी शिक्षा भी यहां पर ही हुई है। वह बीएड की पढ़ाई कर रहा है और यहीं पर ही उसने नौकरी के लिए आवेदन किया है। अब वह पाकिस्तान वापस जाकर क्या करेगा। उसने अपील की है कि उसे वापस न भेजा जाए।
45 साल से पहले शादी कर आई थी अजरबी भट्टी
इसी तरह करीब 45 साल पहले शादी कर पाकिस्तान से भारत आई अजरबी भट्टी भी पाकिस्तान जाने के लिए बुधवार को अटारी सीमा पर पहुंची। 65 साल की अजरबी भट्टी ने बताया कि 45 साल पहले उसकी शादी जम्मू-कश्मीर के राजौरी निवासी मोहम्मद दीन से हुई थी। उसके सभी दस्तावेज भारतीय हैं। बावजूद इसके अब उसे वापस जाने के लिए कहा जा रहा है। जबकि पाकिस्तान में उसका कोई भी रिश्तेदार भी नहीं है। हालांकि सरकार के आदेश के तहत पुलिस उन्हें अटारी सीमा पर लेकर आई और पाकिस्तान भेज दिया गया।
आठ साल के बच्चे को छोड़कर वापस लौटी रेशमा
कराची की रहने वाली रेशमा ने बताया कि उसकी 10 साल पहले हुई थी। उसका आठ साल का एक बच्चा भी है। अब उसे वापस पाकिस्तान जाने के लिए अटारी सीमा पर लाया गया है। उसने बताया कि भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था, पर इसके बाद कोरोना काल आ गया। पहलगाम हमले के बाद बीते सोमवार को पुलिस घर आई थी और संदेश दिया कि उन्हें पाकिस्तान जाना होगा। अब वह अपना बच्चा छोड़ कर वापस जा रही है। उसकी अपील है कि उसे उसके परिवार से अलग न किया जाए।