{"_id":"610d733f8ebc3e88e816c4c5","slug":"watched-daughter-s-match-by-driving-generator-from-tractor-amritsar-news-pkl422660622","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रैक्टर से जनरेटर चलाकर देखा बेटी का मैच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रैक्टर से जनरेटर चलाकर देखा बेटी का मैच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुक्रवार सुबह भारतीय महिला हॉकी टीम ब्रिटेन के खिलाफ कांस्य पदक के लिए टोक्यो के ओलंपिक ग्राउंड जी जान से खेल रही थी। वहीं दूसरी तरफ टीम की स्टार खिलाड़ी गुरजीत कौर के पिता सतनाम सिंह अपने गांव में बेटी का मैच देखने के लिए कभी बिजली विभाग तो कभी जेनरेटर से जूझ रहे थे।
मैच सुबह 7 बजे शुरू होना था और अमृतसर से करीब 35 किलोमीटर दूर अजनाला-चोगांवा रोड पर गांव मियादी कलां में वीरवार रात से ही बिजली गुल थी। बिजली विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने पर सतनाम सिंह ने अपने ट्रैक्टर के साथ जेनरेटर चलाकर अपने पूरे परिवार और रिश्तेदारों के साथ टोक्यो में भारतीय महिला हॉकी टीम और ब्रिटेन के बीच खेले जाने वाला हॉकी का मैच देखा।
टीम हारी तो निराशा तो हुई, लेकिन गर्व भी हुआ
गुरजीत कौर के पिता सतनाम सिंह ने कहा कि वीरवार की रात से ही गांव में बिजली गुल थी। बेटी का मैच सुबह सात बजे शुरू होना था। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार संपर्क करने की कोशिश की। जब कुछ नहीं हुआ तो अंतिम क्षणों में उन्होंने अपने ट्रैक्टर से जेनरेटर स्टार्ट कर घर की बिजली शुरू की और बेटी का मैच देखा। सतनाम सिंह ने बताया कि भारत की टीम के हारने से निराशा तो हुई है, लेकिन बेटी के शानदार प्रदर्शन पर गर्व भी हुआ है।
विज्ञापन
टीम का इस मुकाम तक पहुंचना सराहनीय
गुरजीत कौर के भाई गुरसेवक सिंह, यादविंदर सिंह और आकाशदीप सिंह ने बताया कि भारतीय हॉकी टीम को ब्रिटेन से मिली हार को हार नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि टीम का इस मुकाम तक पहुंचना सराहनीय है। शुक्रवार को खेले गए मैच में उनकी बहन ने दो गोल दागे हैं, लेकिन टीम को जीत दिलाने में कामयाबी नहीं मिल सकी है।
गांव में खुशी का माहौल
गांव मियादी कलां में हर तरफ खुशी का माहौल है। भारतीय महिला हॉकी टीम ब्रिटेन की टीम से शुक्रवार को खेले मैच में जीत हासिल नहीं कर पाई है। परंतु गांवी की गुरजीत कौर का प्रदर्शन शानदार रहा है। गुरप्रीत के पिता सतनाम सिंह ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। गांव के सरपंच दिलबाज सिंह ने कहा कि गांव का हर व्यक्ति गुरजीत के घर पहुंचकर बधाई दे रहा है।
विज्ञापन
मैच सुबह 7 बजे शुरू होना था और अमृतसर से करीब 35 किलोमीटर दूर अजनाला-चोगांवा रोड पर गांव मियादी कलां में वीरवार रात से ही बिजली गुल थी। बिजली विभाग की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने पर सतनाम सिंह ने अपने ट्रैक्टर के साथ जेनरेटर चलाकर अपने पूरे परिवार और रिश्तेदारों के साथ टोक्यो में भारतीय महिला हॉकी टीम और ब्रिटेन के बीच खेले जाने वाला हॉकी का मैच देखा।
विज्ञापन
टीम हारी तो निराशा तो हुई, लेकिन गर्व भी हुआ
गुरजीत कौर के पिता सतनाम सिंह ने कहा कि वीरवार की रात से ही गांव में बिजली गुल थी। बेटी का मैच सुबह सात बजे शुरू होना था। उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार संपर्क करने की कोशिश की। जब कुछ नहीं हुआ तो अंतिम क्षणों में उन्होंने अपने ट्रैक्टर से जेनरेटर स्टार्ट कर घर की बिजली शुरू की और बेटी का मैच देखा। सतनाम सिंह ने बताया कि भारत की टीम के हारने से निराशा तो हुई है, लेकिन बेटी के शानदार प्रदर्शन पर गर्व भी हुआ है।
विज्ञापन
टीम का इस मुकाम तक पहुंचना सराहनीय
गुरजीत कौर के भाई गुरसेवक सिंह, यादविंदर सिंह और आकाशदीप सिंह ने बताया कि भारतीय हॉकी टीम को ब्रिटेन से मिली हार को हार नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि टीम का इस मुकाम तक पहुंचना सराहनीय है। शुक्रवार को खेले गए मैच में उनकी बहन ने दो गोल दागे हैं, लेकिन टीम को जीत दिलाने में कामयाबी नहीं मिल सकी है।
गांव में खुशी का माहौल
गांव मियादी कलां में हर तरफ खुशी का माहौल है। भारतीय महिला हॉकी टीम ब्रिटेन की टीम से शुक्रवार को खेले मैच में जीत हासिल नहीं कर पाई है। परंतु गांवी की गुरजीत कौर का प्रदर्शन शानदार रहा है। गुरप्रीत के पिता सतनाम सिंह ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। गांव के सरपंच दिलबाज सिंह ने कहा कि गांव का हर व्यक्ति गुरजीत के घर पहुंचकर बधाई दे रहा है।