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राष्ट्रहित में प्राण देने वाले मरते नहीं अमर हो जाते हैं : डिप्टी स्पीकर
ब्यूरो,अमर उजाला/पठानकोट
Updated Fri, 19 Aug 2016 05:38 PM IST
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पठानकोट में शुक्रवार को शहीद कर्नल जयदीप सिंह सलारिया की पत्नी व बेटी को सम्मानित करते डिप्टी स्पीकर दिनेश्ा बब्बू।
- फोटो : अमर उजाला
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शौर्य-चक्र विजेता शहीद कर्नल जयदीप सिंह सलारिया का 14वां श्रद्धांजलि समारोह 6 डोगरा रेजीमेंट के कमांडिंग अफसर कर्नल संदीप मदान की अध्यक्षता में गांव पंगोली में शहीद की स्मारक पर आयोजित किया गया।
इसमें विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ठाकुर दिनेश सिंह बब्बू बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। उनके अलावा शहीद की पत्नी डा. अनुराधा राजपूत, बेटी अकांक्षा सलारिया, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष रिटा. कर्नल सागर सिंह सलारिया, महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की, प्रेस सचिव बिट्टा काटल, कर्नल तीर्थ सिंह, ले. कर्नल विशाल ब्यास, कर्नल नसीब चौहान, जिला एनआरआई सभा के अध्यक्ष एनपी सिंह आदि ने विशेष मेहमान के तौर पर शामिल होकर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
रेजीमेंट के जवानों ने शस्त्र उल्टे करके बिगुल की मातमी धुन से शहीद को सलामी दी। डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू ने कहा कि मौत एक अटल सच्चाई है, लेकिन राष्ट्रहित में प्राणों की आहुति देने वाले मरते नहीं अमर हो जाते हैं। शहीद कर्नल जयदीप सिंह सलारिया का बलिदान देश की भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत है, आज देश की सीमाएं ऐसे जांबाजों के शौर्य की बदौलत ही सुरक्षित हैं।
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कर्नल संदीप मदान ने कहा कि कर्नल जयदीप सलारिया हमारी यूनिट के गौरव हैं। उनका बलिदान जवानों में हमेशा देश पर मर मिटने का जज्बा भरता रहेगा। कुर्बानी का दूसरा नाम ही सैनिक है तथा वह सैनिक धन्य हैं, जिसे देश की बलिवेदी पर कुर्बान होने का रूतबा प्राप्त होता है।
कुंवर रविंद्र विक्की ने कहा कि कर्नल जयदीप सलारिया जिले के पहले ऐसे सैनिक हैं, जिन्होंने अपनी जांबाजी दिखाते हुए दो बार शौर्य चक्र प्राप्त किया। इस अवसर पर कर्नल सुदर्शन सलारिया, कैप्टन प्रीतम सलारिया, कर्नल जीपीएस काटल, जगदर्शन सलारिया, सुदर्शन सलारिया, हंसराज, ठाकुर बलदेव सिंह, नायब सूबेदार रंधीर सिंह, नरेश सिंह उपस्थित थे।
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इसमें विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ठाकुर दिनेश सिंह बब्बू बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। उनके अलावा शहीद की पत्नी डा. अनुराधा राजपूत, बेटी अकांक्षा सलारिया, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष रिटा. कर्नल सागर सिंह सलारिया, महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की, प्रेस सचिव बिट्टा काटल, कर्नल तीर्थ सिंह, ले. कर्नल विशाल ब्यास, कर्नल नसीब चौहान, जिला एनआरआई सभा के अध्यक्ष एनपी सिंह आदि ने विशेष मेहमान के तौर पर शामिल होकर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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रेजीमेंट के जवानों ने शस्त्र उल्टे करके बिगुल की मातमी धुन से शहीद को सलामी दी। डिप्टी स्पीकर दिनेश सिंह बब्बू ने कहा कि मौत एक अटल सच्चाई है, लेकिन राष्ट्रहित में प्राणों की आहुति देने वाले मरते नहीं अमर हो जाते हैं। शहीद कर्नल जयदीप सिंह सलारिया का बलिदान देश की भावी पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्त्रोत है, आज देश की सीमाएं ऐसे जांबाजों के शौर्य की बदौलत ही सुरक्षित हैं।
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कर्नल संदीप मदान ने कहा कि कर्नल जयदीप सलारिया हमारी यूनिट के गौरव हैं। उनका बलिदान जवानों में हमेशा देश पर मर मिटने का जज्बा भरता रहेगा। कुर्बानी का दूसरा नाम ही सैनिक है तथा वह सैनिक धन्य हैं, जिसे देश की बलिवेदी पर कुर्बान होने का रूतबा प्राप्त होता है।
कुंवर रविंद्र विक्की ने कहा कि कर्नल जयदीप सलारिया जिले के पहले ऐसे सैनिक हैं, जिन्होंने अपनी जांबाजी दिखाते हुए दो बार शौर्य चक्र प्राप्त किया। इस अवसर पर कर्नल सुदर्शन सलारिया, कैप्टन प्रीतम सलारिया, कर्नल जीपीएस काटल, जगदर्शन सलारिया, सुदर्शन सलारिया, हंसराज, ठाकुर बलदेव सिंह, नायब सूबेदार रंधीर सिंह, नरेश सिंह उपस्थित थे।