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Amritsar: डीएवी स्कूल के बच्चों ने ही दी थी स्कूल को उड़ाने की धमकी, पुलिस ने परिजनों को दी हिदायत
Thu, 08 Sep 2022 05:22 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 08 Sep 2022 05:22 PM IST
सार
डीसीपी मुखविंदर सिंह ने परिजनों के नाम संदेश में कहा कि वे बच्चों को कानून के बारे भी जागरूक करें, क्योंकि यह बच्चे हमारे देश का भविष्य है, तो उन्हें एक अच्छा नागरिक बनाने में परिजनों के साथ-साथ शिक्षकों की भी बड़ी भूमिका होती है।
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Threat
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
अमृतसर के लॉरेंस रोड स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में फायरिंग करने और बम विस्फोट की धमकी स्कूल के तीन बच्चों ने दी थी। सभी बच्चे नौवीं कक्षा में पढ़ते हैं। डीसीपी मुखविंदर सिंह भुल्लर के अनुसार, बुधवार देर रात ही इस मामले को पूरा खुलासा हो गया था। बच्चों के परिजनों और स्कूल प्रिंसिपल को इस बारे में सूचित कर दिया गया है।
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पुलिस कमिश्नर अरुणपाल सिंह ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि स्कूल के ही तीन बच्चों ने यह शरारत की। उन्होंने स्कूल की प्रिंसिपल को मोबाइल पर मैसेज डाल दिया कि 8 सितंबर को स्कूल में फायरिंग की जाएगी। इस मैसेज में स्कूल में बम विस्फोट करने की भी धमकी दी गई थी। सोशल मीडिया पोस्ट अंग्रेजी और उर्दू में थी। पुलिस की डिटेक्टिव टीम तुरंत हरकत में आ गई। जिसने यह सोशल मीडिया पोस्ट डाली थी, उसकी पहचान करने के बाद उससे पूछताछ की गई। इसमें सामने आया कि सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने वाले डीएवी पब्लिक स्कूल के बच्चे ही हैं, जिनकी शरारत से शहर में दहशत फैल गई थी।
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उन्होंने परिजनों के नाम संदेश में कहा कि वे अपने बच्चों के मोबाइल फोन पर हमेशा नजर रखें कि वे उस पर क्या कर रहे हैं। क्योंकि बच्चों के इस मैसेज ने स्कूल मुखिया, परिजनों और पुलिस की नींद उड़ा दी। स्कूलों के प्रिंसिपलों के फोन आने लगे कि कल स्कूल खोलें या नहीं, तो वहीं दूसरी तरफ परिजनों के भी पुलिस को फोन आने लगे कि 8 सितंबर को बच्चों को स्कूल भेजें या नहीं। बच्चों से की गई पूछताछ के बाद डीसीपी मुखविंदर सिंह ने स्कूल के प्रिंसिपल और बच्चों के अभिभावको को इस बाबत अवगत करवाया। उन्होंने परिजनों के नाम संदेश में कहा कि वे बच्चों को कानून के बारे भी जागरूक करें, क्योंकि यह बच्चे हमारे देश का भविष्य है, तो उन्हें एक अच्छा नागरिक बनाने में परिजनों के साथ-साथ शिक्षकों की भी बड़ी भूमिका होती है।
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