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Amritsar News: वायरल ऑडियो विवाद में पटियाला के एसएसपी को छुट्टी पर भेजा

Thu, 11 Dec 2025 02:43 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 11 Dec 2025 02:43 AM IST
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The SSP of Patiala has been sent on leave amid the viral audio controversy.
-सुखबीर बादल ने लगाया था चुनावी धक्केशाही की साजिश रचने का आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो



पटियाला। पटियाला पुलिस की कथित वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग मामले ने पंजाब की राजनीति को गरमा दिया है। विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा को तत्काल प्रभाव से छुट्टी पर भेज दिया है। उनकी जगह संगरूर के एसएसपी सरताज सिंह चहल को पटियाला का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

बीते वीरवार शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक कर यह आरोप लगाया था कि पटियाला जिले के पुलिस अधिकारी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की योजना बना रहे हैं। बादल ने दावा किया कि कॉन्फ्रेंस कॉल में पुलिस अधिकारियों के बीच यह बातचीत हो रही है और एसएसपी अपने अधीनस्थों को अकाली दल प्रत्याशियों को नामांकन के दौरान रोकने व दबाव बनाने के निर्देश दे रहे हैं। उनके अनुसार विरोधी उम्मीदवारों को गांव, घर या रास्ते में रोकने और नामांकन केंद्र तक न पहुंचने देने की बात इस रिकॉर्डिंग में कही गई है।
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ऑडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर यह तेजी से वायरल हो गया। हालांकि पटियाला पुलिस ने बादल के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे फर्जी करार दिया। पुलिस का दावा है कि यह रिकॉर्डिंग एआई की मदद से तैयार की गई झूठी सामग्री है, जिसका उद्देश्य भ्रम फैलाना है।
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कथित वायरल ऑडियो में क्या कहा गया?


कथित बातचीत में एक अधिकारी यह कहते सुना जाता है कि जहां अकाली मिलें, उनके नामांकन पत्र फाड़ दें। दूसरा अधिकारी दावा करता है कि प्रशासन ने बल प्रयोग से रोक नहीं लगाई और संकेत दिए कि विरोधी प्रत्याशी को घर या रास्ते में ही रोक लिया जाए। एक अन्य आवाज कहती है कि राजनीतिक नेतृत्व से निर्देश लिए जा रहे हैं और योजना के अनुसार नामांकन केंद्र के बाहर ही कार्रवाई की जाए। एक अधिकारी यह भी जोड़ता है कि यदि कागज छीनने हों तो पांच किलोमीटर पहले छीने जाएं और यदि कोई भीतर घुसने में सफल हो जाए तो आरओ उसका नामांकन रद्द कर दे। विवाद के बाद विपक्ष हमलावर है जबकि पुलिस रिकॉर्डिंग को मनगढ़ंत बता रही है। अब एसएसपी को छुट्टी पर भेजे जाने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और सरकार पर दबाव और बढ़ गया है कि इसकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
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