बड़ा खुलासा: अमृतसर से चलाई जा रही थी पंजाब में खालिस्तानी मूवमेंट, जालंधर पुलिस ने पकड़े दो आरोपी
पिछले कुछ समय से पंजाब के कई जिलों में खालिस्तान के झंडे लगाए जा रहे हैं। कई जगह पर काले रंग से खालिस्तान के नारे दीवारों पर लिखे जा रहे हैं। शिमला से लेकर हरियाणा और पंजाब में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
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जालंधर और पंजाब के अन्य हिस्सों में अलगाववादी नारे लिखने की खालिस्तानी मूवमेंट कहीं और से नहीं बल्कि अमृतसर से चल रही थी। इसका भंडाफोड़ जालंधर पुलिस ने गुरुवार को अमृतसर से गिरफ्तार दो युवकों से पूछताछ के बाद किया है। अमृतसर पुलिस की नाक के तले सब कुछ चल रहा था मगर पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। गुप्तचर एजेंसियों तक को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। जालंधर पुलिस की ओर से अमृतसर से गिरफ्तार दो आरोपियों के बाद अब दोनों जिलों की पुलिस तीसरे आरोपी को पकड़ने के लिए जुट गई है।
पिछले कुछ समय से पंजाब के कई जिलों में खालिस्तान के झंडे लगाए जा रहे हैं। कई जगह पर काले रंग से खालिस्तान के नारे दीवारों पर लिखे जा रहे हैं। शिमला से लेकर हरियाणा और पंजाब में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही थी, मगर ये आरोपी अमृतसर के निकले। इनके तार विदेश से जुड़े हुए हैं।
सीएम के दौरे से पहले जालंधर में लिखे गए थे अलगाववादी नारे
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान 28 अगस्त को जालंधर आए थे, तब पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की मूर्ति के बाहर लगाए गए शीशे के फ्रेम पर खालिस्तान के नारे लिखे गए। इसके अलावा मुख्यमंत्री के फोटो पर भी इसी तरह के नारे लिखे थे। थाना नई बारादरी जालंधर में इस संबंध में केस दर्ज किया गया। जालंधर पुलिस के डीसीपी जसकरणजीत सिंह तेजा के निर्देशों पर पुलिस की जांच अमृतसर तक पहुंची।
इसके बाद पुलिस ने अमृतसर में रहने वाले 33 साल के रमन, सोनू उर्फ सेमा निवासी बाबा दीप सिंह कॉलोनी फतेहगढ़ चूड़ियां रोड को गिरफ्तार किया। मामले का तीसरा आरोपी हरगुन सिंह निवासी डेरा बाबा भूरी वाला तरनतारन रोड अभी फरार है। उसकी तलाश जारी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में चल रही जांच के दौरान सामने आया है कि ये तीनों विदेश में रहने वाले लखविंदर सिंह निवासी जेठूवाल के कहने पर काम कर रहे थे। पुलिस ने लखविंदर सिंह के घर में भी दबिश दी। जहां से पुलिस को खालिस्तान से संबंधित सामग्री बरामद हुई है। वहां से लखविंदर सिंह के एक रिश्तेदार को भी हिरासत में लिया गया था। हालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया। लखविंदर सिंह विदेश से फंडिंग कर रहा है। इस मामले में कुछ और लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिसके बारे में पुलिस जांच चल रही है। इससे पहले पुलिस की ओर से हथियार, गोली सिक्का, विस्फोटक पदार्थों के साथ अमृतसर और आसपास के इलाकों से आतंकवादी व आईएसआई एजेंट और स्लीपर सेल गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अमृतसर पुलिस ने अब मामले में काम करवाने वाले पंजाब में स्थित आका की तलाश की जा रही है। खासकर बब्बर खालसा और केसीएफ के साथ संबंध रखने वाले पुराने लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है।