{"_id":"dea2e753dbb881620b57c13f5de25a89","slug":"tence-on-border","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमा पर तनाव खत्म करेगी सैन्य अफसरों की बातचीत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीमा पर तनाव खत्म करेगी सैन्य अफसरों की बातचीत
अमर उजाला, अमृतसर
Updated Tue, 24 Dec 2013 10:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भरतीय सेना के डायरेक्टर जरनल ओपरेशन लेफ्टिनेंट जरनल विनोद भाटिया ने विश्वास जताया है कि पाकिस्तान और भारत के डीजीएमओज के मध्य सीज फायर के उल्लंघन मामले को लेकर हुई बैठक दोनों देशों के मध्य तनाव खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
विज्ञापन
भाटिया वाघा बार्डर पर पाक सैन्य अफसरों के साथ जीरो लाइन पर हुई बैठक में हिस्सा लेने के बाद भारत वापस लौटने पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
लेफ्टिनेंट जनरल भाटिया ने कहा कि लाइन आफ कंट्रोल पर तनाव दोनों देशों के लिए ही खतरनाक है। इससे दोनों देशों के राजनीतिक संबंध भी प्रभावित हैं।
अगर दोनों देशों के सैन्य अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां एलओसी पर तनाव को खत्म करें तो दोनों तरफ से शांति बहाली संभव है। इस तरह की बैठकें दोनों देशों के संबंधों में भी मजबूती पैदा करने में विशेष भूमिका निभा सकती हैं।
विज्ञापन
भाटिया ने कहा कि एलओसी पर सीज फायर जरूरी है। यदि ऐसा हुआ तभी साउथ एशिया में स्थाई शांति संभव है। एलओसी पर तनाव को खत्म करने के लिए दोनों देशों की ओर से बनाए गए नियमों को लागू करना जरूरी है।
विज्ञापन
दोनों देशों के डीजीएमओ मिलकर सीमा पर शांति के लिए प्रयासरत हैं। इस तरह की बैठके रेगुलर होती रहनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि सीमा पर इस प्रकार की बैठक कारगिल युद्ध के बाद 15 वर्षों के अंतराल पर पहली बार हुई है।
यह बैठक न्यूयार्क में भारत के प्रधानमंत्री डा मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के मध्य हुई बातचीत के दौरान तय हुई थी।
नवाज शरीफ ने खुद यह बैठक आयोजित करने की पेशकश की थी। ऐसी बैठक के अभाव के कारण सीज फायर का लगातार उल्लंघन होता रहा है।