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निवेश के झूठे सपने दिखा रहे हैं सुखबीर : बाजवा
अमर उजाला, अमृतसर
Updated Sun, 06 Oct 2013 10:49 PM IST
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अमृतसर में पंजाब कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा ने कहा है कि उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पंजाब में निवेश के झूठे सपने दिखा रहे हैं।
जून में ऐलान किए जाने के बावजूद औद्योगिक नीति को अधिसूचित नहीं किया गया। टाटा ने पंजाब में निवेश का कोई आश्वासन नहीं दिया। उन्होंने कालोनियों और प्लाट पर शुल्क माफ करने का वादा किया।
जनसंपर्क अभियान के दूसरे फेस में पूर्व मेयर सुनील द्वारा अमृतसर में आयोजित कार्यकर्ताओं की रैली में बाजवा ने कहा कि सुखबीर पंजाब के लिए कोई काम नहीं कर रहे। वह सिर्फ औद्योगिक घरानों को झूठ बोलकर राज्य का नाम बदनाम कर रहे हैं।
सुखबीर द्वारा बीते सप्ताह बंगलूरू में आईटी कंपनियों को दी गई जानकारी सच्चाई से परे थी। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार को बने सात साल हो जाने के बावजूद औद्योगिक नीति अधिसूचित नहीं की गई। कर्नाटक, आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों ने आईटी क्रांति से तरक्की की।
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पिछली कांग्रेस सरकार के वक्त दो कंपनियां पंजाब में आई थीं। इनमें क्वार्क अपना कारोबार बंद कर चुकी है, जबकि दूसरी बोरिया बिस्तर बांधने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री द्वारा टाटा प्रमुख के साथ बैठक के बाद टाटा ग्रुप द्वारा पंजाब में बड़े प्रोजेक्ट लगाने के संबंध में किया गया ऐलान एकतरफा है।
टाटा की निवेश योजनाओं को लेकर पंजाब सरकार के लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रेस नोट जारी किया गया था, मगर टाटा ने खुद कोई ऐलान नहीं किया। न ही सुखबीर को कोई भरोसा दिया है।
बाजवा ने कहा ट्रांसपोर्ट और शराब के व्यापार के सभी छोटे व मध्यम खिलाड़ी खत्म हो चुके हैं। रेत व बजरी के धंधे पर भी बादल परिवार का एकाधिकार है। सुखबीर द्वारा मोहाली में प्रस्तावित ग्लोबल इनवेस्टमेंट सम्मेलन भी निवेशक हितैषी वातावरण और नीतियों की कमी के चलते नाकाम सिद्ध होगा।
बाजवा ने कहा कि सात साल के दौरान अकाली-भाजपा नेताओं ने पंजाब में अवैध कालोनियां काटीं और अब गरीब लोगों को इसका हर्जाना भरने को कहा जा रहा है।
उन्होंने लोगों को इन कालोनियों को रेगुलर करने के लिए कोई पैसा न जमा करवाने की अपील की। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद नाजायज कालोनियों के प्लाट मालिकों पर लगाए चार्ज माफ कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अमृतसर पवित्र नगरी है, मगर बहुत पिछड़ गया है।
इस पवित्र नगरी का मकबूलपुरा इलाका नशों के चलते सबसे ज्यादा प्रभावित है। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष ओपी सोनी ने कहा कि अमृतसर नगर निगम नागरिकों से टैक्स वसूलने के बावजूद अपने स्टाफ को वेतन देने में नाकाम रहा है।
इस अवसर पर फतेह जंग सिंह बाजवा, सरदूल सिंह, रमन भल्ला, हरप्रताप अजनाला, कर्मजीत सिंह रिंटू और ममता दत्ता ने भी संबोधित किया।
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जून में ऐलान किए जाने के बावजूद औद्योगिक नीति को अधिसूचित नहीं किया गया। टाटा ने पंजाब में निवेश का कोई आश्वासन नहीं दिया। उन्होंने कालोनियों और प्लाट पर शुल्क माफ करने का वादा किया।
जनसंपर्क अभियान के दूसरे फेस में पूर्व मेयर सुनील द्वारा अमृतसर में आयोजित कार्यकर्ताओं की रैली में बाजवा ने कहा कि सुखबीर पंजाब के लिए कोई काम नहीं कर रहे। वह सिर्फ औद्योगिक घरानों को झूठ बोलकर राज्य का नाम बदनाम कर रहे हैं।
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सुखबीर द्वारा बीते सप्ताह बंगलूरू में आईटी कंपनियों को दी गई जानकारी सच्चाई से परे थी। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार को बने सात साल हो जाने के बावजूद औद्योगिक नीति अधिसूचित नहीं की गई। कर्नाटक, आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों ने आईटी क्रांति से तरक्की की।
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पिछली कांग्रेस सरकार के वक्त दो कंपनियां पंजाब में आई थीं। इनमें क्वार्क अपना कारोबार बंद कर चुकी है, जबकि दूसरी बोरिया बिस्तर बांधने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री द्वारा टाटा प्रमुख के साथ बैठक के बाद टाटा ग्रुप द्वारा पंजाब में बड़े प्रोजेक्ट लगाने के संबंध में किया गया ऐलान एकतरफा है।
टाटा की निवेश योजनाओं को लेकर पंजाब सरकार के लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रेस नोट जारी किया गया था, मगर टाटा ने खुद कोई ऐलान नहीं किया। न ही सुखबीर को कोई भरोसा दिया है।
बाजवा ने कहा ट्रांसपोर्ट और शराब के व्यापार के सभी छोटे व मध्यम खिलाड़ी खत्म हो चुके हैं। रेत व बजरी के धंधे पर भी बादल परिवार का एकाधिकार है। सुखबीर द्वारा मोहाली में प्रस्तावित ग्लोबल इनवेस्टमेंट सम्मेलन भी निवेशक हितैषी वातावरण और नीतियों की कमी के चलते नाकाम सिद्ध होगा।
बाजवा ने कहा कि सात साल के दौरान अकाली-भाजपा नेताओं ने पंजाब में अवैध कालोनियां काटीं और अब गरीब लोगों को इसका हर्जाना भरने को कहा जा रहा है।
उन्होंने लोगों को इन कालोनियों को रेगुलर करने के लिए कोई पैसा न जमा करवाने की अपील की। उन्होंने वादा किया कि कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद नाजायज कालोनियों के प्लाट मालिकों पर लगाए चार्ज माफ कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अमृतसर पवित्र नगरी है, मगर बहुत पिछड़ गया है।
इस पवित्र नगरी का मकबूलपुरा इलाका नशों के चलते सबसे ज्यादा प्रभावित है। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष ओपी सोनी ने कहा कि अमृतसर नगर निगम नागरिकों से टैक्स वसूलने के बावजूद अपने स्टाफ को वेतन देने में नाकाम रहा है।
इस अवसर पर फतेह जंग सिंह बाजवा, सरदूल सिंह, रमन भल्ला, हरप्रताप अजनाला, कर्मजीत सिंह रिंटू और ममता दत्ता ने भी संबोधित किया।