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फिर बढ़ेगी रार, किसान संगठनों ने एनआईए की जांच में शामिल होने से किया इनकार
Mon, 18 Jan 2021 10:39 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 18 Jan 2021 10:39 AM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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कृषि कानूनों के खिलाफ संघर्ष कर रहे किसान संगठनों ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से किसानों को भेजे गए नोटिस का विरोध करते हुए जांच में शामिल होने से इनकार कर दिया है। वहीं कुछ सिख संगठनों के सदस्यों ने जांच में शामिल होने के निर्देश को स्वीकार कर लिया है। एनआईए ने पंजाब के अमृतसर में सिख यूथ फेडरेशन भिंडरावाला और सिख यूथ पावर ऑफ पंजाब के सदस्यों को नोटिस भेजे हैं।
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एनआईए ने संयुक्त किसान मोर्चे से जुड़े किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा सहित कई सदस्यों को भी नोटिस भेजे थे। सिरसा सहित कई संगठनों के नेताओं ने इन नोटिसों का विरोध करते हुए जांच एजेंसी के सामने पेश होने से इनकार कर दिया है। हालांकि सिरसा का कहना है कि वह अपनी नातिन की शादी में व्यस्त हैं। इसलिए सिंघु बॉर्डर से अमृतसर आ गए हैं। उन्हें नोटिस मिला है, सात फरवरी के बाद ही इसके बारे में रुख स्पष्ट करेंगे।
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वहीं सिख यूथ पावर ऑफ पंजाब के नेता परमजीत सिंह अकाली व उनके संगठन से जुड़े पलविंदर सिंह अमरकोट जांच में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं। परमजीत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह 19 जनवरी को जांच में शामिल होंगे। जबकि पलविंदर सिंह 18 फरवरी को एनआईए के दफ्तर जाकर जांच में सहयोग करेंगे।
सिख यूथ फेडरेशन भिंडरावाला के मीत प्रधान रंजीत सिंह दमदमी ने बताया वह 21 जनवरी को जांच में शामिल होंगे। वहीं विरोध जताने वाले सिख संगठनों के नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार किसानों के आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रच रही है, इसलिए वह एनआईए की जांच कर विरोध करते हैं और इस तरह की जांच में शामिल नहीं होंगे, इसके लिए वह कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं।