फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   Smugglers made poison for greed

मुनाफे के लालच में जहर बनाते गए तस्कर

Tue, 04 Aug 2020 09:48 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2020 09:48 PM IST
विज्ञापन
Smugglers made poison for greed
जहरीली शराब पीने से मारे गए अमृतसर के जंडियाला गुरु के मुच्छल गांव के लोगों के परिजनों से मिलते स? - फोटो : AMRITSAR
माझा के तीन जिलों में देसी शराब के नाम पर जहर की प्याली बेचने वाले नशा तस्करों के तार आपस में जुड़े हुए हैं। जहरीली प्याली का यह खेल एक शहर से दूसरे शहर के साथ सटे गांवों में बड़े खुफिया ढंग से पहुंचता गया। जिस नशा तस्कर ने लुधियाना के व्यापारी से जहर बनाने के लिए केमिकल खरीदा, वह मुनाफा बढ़ाने के लिए उसमें और जहरीले केमिकलों की मिलावट करता रहा। वहीं जंडियाला गुरु में मंगलवार को जहरीली शराब पीने वाले रजिंदर सिंह और कारज सिंह ने दम तोड़ दिया। अब मरने वालों की संख्या 15 हो गई है।
विज्ञापन

अमृतसर (देहाती) पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार इस कांड की शुरुआत लुधियाना शहर से हुई है। एक पेंट कारोबारी राजेश जोशी से मोगा के रविंदर सिंह ने अल्कोहल के 200 लीटर के तीन ड्रम खरीदे। रविंदर ने यह ड्रम मोगा के अवतार सिंह को बेचे। अवतार ने यह ड्रम तरनतारन के गांव पंडोरी गोला के निवासी हरजीत सिंह और उसके दो बेटों को बेच दिए। हरजीत सिंह ने 50 हजार में यह तीनों ड्रम खरीदे और तरनतारन के किसी गांव की झाड़ियों में छिपा दिए।
विज्ञापन

तरनतारन के गांव पंधेर के गोबिंदर सिंह ने हरजीत सिंह से संपर्क साधा और 6 हजार रुपये में अल्कोहल की 42 बोतल खरीद ली। गोबिंदर सिंह ने पानी की मिलावट कर 42 बोतलों से 46 बोतलें बनाई। 28 जुलाई को गोबिंदर सिंह ने इनमें से 23 बोतल अल्कोहल गांव मुछल की तस्कर बलविंदर कौर के बेटों को 3600 रुपये में बेची। 29 जुलाई को बलविंदर कौर की मांग पर गोबिंदर फिर शेष बची 23 बोतलें उसके बेटों को 3600 रुपये में बेच आया। इसके बाद बलविंदर कौर ने अपना मुनाफा बढ़ाने के लिए इन बोतलों में पानी व अन्य केमिकलों की मिलावट कर ये 100 रुपये के हिसाब से बेची। कुछ लोगों को घर में 50 रुपये लेकर भी जहर की प्याली पिलाई। 29 और 30 जुलाई की रात को जब उसके द्वारा बेची शराब से लोगों की मौत होने लगी तो उसने घर में रखी बाकी शराब फेंक दी थी। पुलिस को तीन ड्रम अल्कोहल से बनी 600 लीटर शराब में से साढ़े 31 लीटर शराब के बारे में जानकारी मिली है। बाकी अल्कोहल कहां है, पुलिस जांच कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नशा तस्करों की जायदाद होगी कुर्क : सोनी
मंत्री ओपी सोनी ने गांव मुछल में मारे गए लोगों के परिजनों को विश्वास दिलाया कि जहर बेचने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। नशा तस्करों की जायदाद कुर्क होगी। पुलिस ने अब तक इस मामले में छापा मारकर 37 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पांच नशा तस्करों के सरगना है। पुलिस इस मामले की तह तक जाने के लिए तेजी से जांच कर रही है। प्रभावित परिवारों को रेड क्रॉस की तरफ से दस-दस हजार की राशि जल्द जारी की जाएगी। इन परिवारों को जल्द ही पेंशन अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
रटौल की घटना से पुलिस सबक लेती तो नहीं होती मौतें
तरनतारन। जहरीली शराब से हुई मौतों के लिए सीधे तौर पर तरनतारन पुलिस जिम्मेदार है। अगर पुलिस ने 16 जुलाई को तरनतारन के ही रटौल गांव में नकली शराब पीने से 3 लोगों की मौत और पूर्व बीएसएफ कर्मी की आंखों की रोशनी जाने के मामले को गंभीरता से लेती तो 15 दिन बाद 110 लोगों को जान बच जाती।

रटौल में जहरीली शराब से दोनों आंखों की रोशनी गंवा चुके रविंदर सिंह बिट्टू की शिकायत पर पुलिस ने 27 जुलाई को प्रकाश सिंह उर्फ पाशी नामक शख्स पर केस तो दर्ज किया मगर उसमें न तो तीन लोगों की मौत को लेकर धारा जोड़ी और न ही जांच में गंभीरता बरती। पाशी पर केस दर्ज होने के 3 दिन बाद 30 जुलाई को मुछल गांव से लोगों के मरने का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह आज तक जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed