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सिख रेफरेंस लाइब्ररी के लापता खजाने का मामला गर्माया
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अमृतसर। ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान सचखंड श्री हरमंदिर साहिब परिसर स्थित सिख रेफरेंस लाइब्रेरी में सुशोभित कई हस्तलिखित धार्मिक ग्रंथों, एतिहासिक दस्तावेजों व बहुमूल्य खजाने के लापता होने के मामले को एसजीपीसी की गठित कमेटी ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। बीते वर्ष भारत सरकार ने इन बहुमूल्य खजाने को एसजीपीसी को लौटाने के दस्तावेज जारी किए थे, जिसमें दर्शाया गया था यह बहुमूल्य खजाना उनकी तरफ से एसजीपीसी को लौटा दिया गया है। गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने इस मामले की जांच के लिए पूर्व अध्यक्ष किरपाल सिंह बडूंगर व बीबी जागीर कौर की अगुवाई में कमेटी का गठन किया था। कमेटी की बीते वर्ष एक बैठक हुई थी, उसके बाद श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर आयोजित धार्मिक समागम का हवाला देकर बैठक का आयोजन नहीं किया गया। बता दें कि लगभग 20 वर्ष पहले एसजीपीसी के तत्कालीन अधिकारियों व कई धार्मिक नेताओं पर आरोप लगे थे कि यह बहुमूल्य खजाना विदेशों में बेच दिया गया है।
अब इसी मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार रंजीत सिंह ने सिखों के इस बहुमूल्य खजाने के प्रति एसजीपीसी द्वारा की गई लापरवाही के विरोध में सात नवंबर को सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर सुबह से शाम तक धरने पर बैठने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सिख कौम एसजीपीसी से पूछ रही है कि गुरुकाल का यह खजाना कहां गया। गृह व रक्षा मंत्रालय ने एसजीपीसी के अधिकारियों के हस्ताक्षर युक्त दस्तावेज जारी कर साबित कर दिया है कि खजाना एसजीपीसी को सौंप दिया गया था। एसजीपीसी 2008 से अब तक हाईकोर्ट में इस बारे में कोई जवाब नहीं दे पाई है। लौंगोवाल इस पर कोई जवाब नहीं दे सकते तो वह एसजीपीसी के प्रबंधन की जिम्मेदारी छोड़ बादल परिवार के चरणों में बैठ जाएं। जांच कमेटी के संबंध में वह सात नवंबर को मीडिया के सामने कई खुलासे करेंगे। लौंगोवाल ने इस मामले में जो जांच कमेटी बिठाई है, उसकी कारगुजारी को पंथक कटघरे में खड़ा किया जाएगा। इस अवसर पर लापता पवन स्वरूपों के बारे भी एसजीपीसी से सवाल किए जाएंगे।
रंजीत सिंह ने कहा कि गोबिंद सिंह लौंगोवाल संगत को धमका रहे हैं कि एसजीपीसी व सचखंड परिसर में धरना देने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वह लौंगोवाल की इस चुनौती को स्वीकार करते हैं और संगत के साथ धरने पर बैठेंगे। भाई रंजीत सिंह जत्थेदार ने श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
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एसजीपीसी को बादल परिवार से मुक्त करवाने के लिए गांव-गांव कर रहे प्रचार
मजीठा रोड स्थित गुरुद्वारा कलगीधर में मौजूद संगत को संबोधित करते हुए रंजीत सिंह ने कहा कि एसजीपीसी को बादल परिवार से मुक्त करवाने के लिए हर सिख अपना वोट बनाए। वह साढ़े तीन वर्षों से पंथक अकाली लहर संस्था का गठन कर एसजीपीसी को बादल परिवार से मुक्त करवाने के लिए पंजाब के गांव-गांव में जाकर प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने मालवा व दोआबा के बाद अब माझा में प्रचार शुरू कर दिया है। उनके इस अभियान में लोक इंसाफ पार्टी व अन्य संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। बादल परिवार ने सिख नौजवानों का उपयोग अपनी सत्ता के लिए किया। संगत की वोट से सत्ता की ताकत लेने वाले बादल परिवार का पर्दाफाश संगत की कचहरी में करना उनका उद्देश्य है।
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अब इसी मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार रंजीत सिंह ने सिखों के इस बहुमूल्य खजाने के प्रति एसजीपीसी द्वारा की गई लापरवाही के विरोध में सात नवंबर को सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर सुबह से शाम तक धरने पर बैठने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सिख कौम एसजीपीसी से पूछ रही है कि गुरुकाल का यह खजाना कहां गया। गृह व रक्षा मंत्रालय ने एसजीपीसी के अधिकारियों के हस्ताक्षर युक्त दस्तावेज जारी कर साबित कर दिया है कि खजाना एसजीपीसी को सौंप दिया गया था। एसजीपीसी 2008 से अब तक हाईकोर्ट में इस बारे में कोई जवाब नहीं दे पाई है। लौंगोवाल इस पर कोई जवाब नहीं दे सकते तो वह एसजीपीसी के प्रबंधन की जिम्मेदारी छोड़ बादल परिवार के चरणों में बैठ जाएं। जांच कमेटी के संबंध में वह सात नवंबर को मीडिया के सामने कई खुलासे करेंगे। लौंगोवाल ने इस मामले में जो जांच कमेटी बिठाई है, उसकी कारगुजारी को पंथक कटघरे में खड़ा किया जाएगा। इस अवसर पर लापता पवन स्वरूपों के बारे भी एसजीपीसी से सवाल किए जाएंगे।
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रंजीत सिंह ने कहा कि गोबिंद सिंह लौंगोवाल संगत को धमका रहे हैं कि एसजीपीसी व सचखंड परिसर में धरना देने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वह लौंगोवाल की इस चुनौती को स्वीकार करते हैं और संगत के साथ धरने पर बैठेंगे। भाई रंजीत सिंह जत्थेदार ने श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
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एसजीपीसी को बादल परिवार से मुक्त करवाने के लिए गांव-गांव कर रहे प्रचार
मजीठा रोड स्थित गुरुद्वारा कलगीधर में मौजूद संगत को संबोधित करते हुए रंजीत सिंह ने कहा कि एसजीपीसी को बादल परिवार से मुक्त करवाने के लिए हर सिख अपना वोट बनाए। वह साढ़े तीन वर्षों से पंथक अकाली लहर संस्था का गठन कर एसजीपीसी को बादल परिवार से मुक्त करवाने के लिए पंजाब के गांव-गांव में जाकर प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने मालवा व दोआबा के बाद अब माझा में प्रचार शुरू कर दिया है। उनके इस अभियान में लोक इंसाफ पार्टी व अन्य संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। बादल परिवार ने सिख नौजवानों का उपयोग अपनी सत्ता के लिए किया। संगत की वोट से सत्ता की ताकत लेने वाले बादल परिवार का पर्दाफाश संगत की कचहरी में करना उनका उद्देश्य है।