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Amritsar News: एसजीपीसी अध्यक्ष ने इतिहासकार दलेर सिंह ख्याला की पुस्तक कौमी परवाने का किया विमोचन
Tue, 13 Jun 2023 11:02 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Updated Tue, 13 Jun 2023 11:02 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी द्वारा अमृतसर जिले के गांव सुल्तानविंड से संबंधित शहीदों पर लिखी गई पुस्तक कौमी परवाने का विमोचन किया गया।
यह पुस्तक दलेर सिंह द्वारा लिखी गई है। एसजीपीसी के सदस्य हरजाप सिंह सुल्तानविंड और उनके भाई मिलाप सिंह ने इसे प्रकाशित किया है। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि देश की आजादी के लिए जहां कई सिखों ने कुर्बानी दी, वहीं आजाद भारत में अपने अधिकारों के लिए लड़ते हुए कई सिखों को शहादत देनी पड़ी। सुल्तानविंड गांव के एक ही परिवार के कई सिंह शहीद हुए हैं, जिन पर इतिहासकार दलेर सिंह ख्याला ने ''कौमी परवाने'' पुस्तक लिखी है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के सदस्य हरजाप सिंह और उनके भाई मिलाप सिंह का इस पुस्तक के प्रकाशन में बहुत बड़ा योगदान है। यह एक अच्छी पहल है, जिससे आने वाली पीढ़ी अपने पूर्वजों के इतिहास को जान सकेगी।
इस अवसर पर एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डाॅ. बलदेव सिंह कैमपुर, वरिष्ठ सदस्य गुरनाम सिंह जस्सल, भाई राजिंदर सिंह मेहता, भाई मनजीत सिंह, भाई राम सिंह, हरजाप सिंह सुल्तानविंड, अमरजीत सिंह भलाईपुर, अमरीक सिंह विछोआ, बलविंदर सिंह, सचिव प्रताप सिंह, ओएसडी सतबीर सिंह धामी, उप सचिव जसविंदर सिंह जस्सी, शाहबाज सिंह, डॉ. अमरजीत सिंह मौजूद थे।
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अमृतसर। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी द्वारा अमृतसर जिले के गांव सुल्तानविंड से संबंधित शहीदों पर लिखी गई पुस्तक कौमी परवाने का विमोचन किया गया।
यह पुस्तक दलेर सिंह द्वारा लिखी गई है। एसजीपीसी के सदस्य हरजाप सिंह सुल्तानविंड और उनके भाई मिलाप सिंह ने इसे प्रकाशित किया है। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि देश की आजादी के लिए जहां कई सिखों ने कुर्बानी दी, वहीं आजाद भारत में अपने अधिकारों के लिए लड़ते हुए कई सिखों को शहादत देनी पड़ी। सुल्तानविंड गांव के एक ही परिवार के कई सिंह शहीद हुए हैं, जिन पर इतिहासकार दलेर सिंह ख्याला ने ''कौमी परवाने'' पुस्तक लिखी है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के सदस्य हरजाप सिंह और उनके भाई मिलाप सिंह का इस पुस्तक के प्रकाशन में बहुत बड़ा योगदान है। यह एक अच्छी पहल है, जिससे आने वाली पीढ़ी अपने पूर्वजों के इतिहास को जान सकेगी।
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इस अवसर पर एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डाॅ. बलदेव सिंह कैमपुर, वरिष्ठ सदस्य गुरनाम सिंह जस्सल, भाई राजिंदर सिंह मेहता, भाई मनजीत सिंह, भाई राम सिंह, हरजाप सिंह सुल्तानविंड, अमरजीत सिंह भलाईपुर, अमरीक सिंह विछोआ, बलविंदर सिंह, सचिव प्रताप सिंह, ओएसडी सतबीर सिंह धामी, उप सचिव जसविंदर सिंह जस्सी, शाहबाज सिंह, डॉ. अमरजीत सिंह मौजूद थे।
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