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सीचेवाल मॉडल से ट्रीट होंगे हरियाणा के खेत

Mon, 26 Sep 2016 09:54 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर Updated Mon, 26 Sep 2016 09:54 PM IST
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हरियाणा के विभिन्न जिलों से आए नाबार्ड के अधिकारियों को सीचेवाल मॉडल से ट्रीट किए पानी का टीडीएस चेक करके दिखाते पर्यावरणविद् संत बलबीर सिंह सीचेवाल। - फोटो : amarujala
एसवाईएल मुद्दे से इतर अब हरियाणा के गंदे पानी को ट्रीट करने में पंजाब का सीचेवाल मॉडल अहम भूमिका निभाएगा। इसके लिए हरियाणा के नाबार्ड के सीनियर अधिकारियों की टीमों ने देसी तकनीक वाले इस मॉडल का अवलोकन करने के लिए सुल्तानपुर लोधी और गांव सीचेवाल में विशेष दौरा किया है।
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सीचेवाल और सुल्तानपुर लोधी का दौरा करने के बाद अधिकारियों ने कहा कि हरियाणा में खेती के लिए पानी की सख्त जरूरत है और  गांवों-शहरों के पानी को साफ कर खेती के लिए प्रयोग किया जाएगा।
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नाबार्ड के चीफ जनरल मैनेजर पीसी चौधरी की अगुवाई में हरियाणा के सभी जिलों से आए अधिकारियों ने सीचेवाल मॉडल का पानी खेतों को लगने के साथ-साथ सुल्तानपुर लोधी में पानी को रिचार्ज करने का स्थापित किया नया मॉडल भी देखा। 
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चौधरी ने बताया कि सीचेवाल मॉडल बहुत ही कामयाब है और इसको हरियाणा के उन गांवों में लागू किया जाएगा, जहां गंदे पानी की निकासी की समस्या आ रही है। उन्होंने बताया कि इससे सस्ता मॉडल उन्होंने कहीं भी नहीं देखा और इसे चलाने का आसान ढंग जो संत सीचेवाल ने स्थापित किया है, वह भी सराहनीय है।

 

उन्होंने कहा कि सीचेवाल मॉडल के तहत लगा यह पहला प्लांट उन्होंने देखा  है, जिसमें पानी को साफ करने तक के लिए न कोई बिजली खर्च होती है और न ही इसकी देखभाल करने के लिए ज्यादा लोग रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इसके मुकाबले सरकारी प्रोजेक्ट बहुत ही खर्चीले होते हैं। 
 

संत सीचेवाल ने नाबार्ड के अधिकारियों का स्वागत किया और कहा कि देश में गंदे पानी की कोई समस्या नहीं है। यह समस्या तो सिस्टम ने पैदा की है। उन्होंने सीचेवाल गांव के छप्पड़ का टीडीएस भी आए हुए अधिकारियों को चेक करवाया।

 

यह सिर्फ 417 था जबकि खेती को 2000 तक टीडीएस वाला पानी लगाया जा सकता है। संत सीचेवाल ने इस पानी से हुई धान की फसल भी दिखाई। यह मॉडल संत सीचेवाल ने 15 सितंबर को इंग्लैंड के दौरे से वापस आते ही पहल के आधार पर स्थापित किया है।

 

इस मौके पर नाबार्ड के जनरल मैनेजर वीके बेदी और जिला मैनेजरों में अंबाला से डीके गर्ग, भिवानी से सोहन लाल, फरीदाबाद से निर्मल कुमार, हिसार से पवन कुमार, जींद से आशुतोष सरधाना, करनाल से सुशील कुमार, कुरुक्षेत्र से आरएस मोर, महिंदरगढ़ से रजनीश कुमार, गुड़गांव से विजय कुमार नागरा, पानीपत से संजीव कुमार, रोहतक से विजय राणा, सोनीपत से राजकिरण जौहरी, सिरसा से संजीव शर्मा और यमुनानगर से राजेश सैनी के अलावा लुधियाना से एन राय और कपूरथला से राकेश वर्मा शामिल थे। निर्मल कुटिया में सभी अधिकारियों का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर गांव की सरपंच रजवंत कौर, सुरजीत सिंह शंटी, अमरीक सिंह संधू और गुरविंदर सिंह बोपाराय मौजूद थे। 

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